India Bangladesh Border: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले से लगती हुई इंटरनेशनल बॉर्डर पर शनिवार को बड़ा बवाल मचा. यहां भारत और बांग्लादेश के किसानों के बीच जमकर पत्थरबाज़ी चली. दोनों ओर की सेना ने इस मामले को शांत कराया.
मालदा शहर से 50 किमी दूर सुखदेवपुर में शनिवार सुबह करीब 11.45 पर दोनों ओर के किसानों में बहस शुरू हुई. भारतीय किसानों का आरोप था कि बांग्लादेशी किसान सीमा पार करके उनकी फसल चुरा ले जाते हैं. इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच तेज बहस हुई और फिर दोनों ओर से पत्थर चलने लगे. दोनों और करीब हजार-हजार किसान इकट्ठे हो चुके थे.
इसके बाद दोनों ओर की सेनाओं ने किसानों को पीछे हटने के लिए कहा. जब किसान नहीं माने तो सेनाओं ने ग्रेनेड और टिअर गैस का उपयोग कर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की. अच्छी बात यह रही कि इस घटना में दोनों ओर कोई भी गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ.
भारतीय किसानों ने बताया कि जब BSF ने उन्हें पीछे हटने के लिए कहा तो हमारे सभी लोगों ने कहना माना और बॉर्डर से पीछे हट गए लेकिन बांग्लादेशियों ने उनकी सेना की बात नहीं मानी. बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के कहने पर भी उधर के कई किसान सीमा पर खड़े रहे और हमारे लोगों को उकसाते रहे. दोपहर तक यह सिलसिला चलता रहा. शाम 5 बजे बाद इलाके में शांति हुई.
भारतीय किसानों का कहना है कि बांग्लादेश के किसान सीमापार करन केवल उनकी फसलों को चुराते हैं बल्कि नुकसान भी पहुंचाते हैं. किसानों का कहना है कि बांग्लादेशी हमारे खेतों में लगी मशीनरी को भी तोड़-फोड़ जाते हैं.
डीआईजी, बीएसएफ एनके पांडे ने इस घटना की जानकारी देते हुए बताया कि अब बॉर्डर पर स्थिति पूरी तरह सामान्य है और नियंत्रण में है.
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