पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ईरान गए तो तो भारत की शिकायत करे, मदद की गुहार लगाने, लेकिन भारत के दोस्त ने उल्टे उन्हें सुना दिया. ईरान के नए राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने शहबाज शरीफ से स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि पहले बॉर्डर इलाकों में आतंकी गतिविधियां कम करो, इसके बाद ही भरोसा पैदा हो पाएगा. दोनों देशों के साझा बयान में भी इसका जिक्र किया गया है. यह भारत के लिए जहां कूटनीतिक जीत है वहीं शहबाज शरीफ और पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर के लिए शर्मिंदगी भरा है.
ईरान के राष्ट्रपति का बयान शहबाज शरीफ और फील्ड मार्शल मुनीर के लिए ये एक तरह से शर्मिंदगी भरा है…क्योंकि पिछले साल ही ईरान ने पाकिस्तान की सीमा के अंदर आतंकी ढांचे पर हमला किया था और ईरान का मौजूदा बयान बॉर्डर क्षेत्र में आतंकी मौजूदगी को खत्म करने पर ही जोर देता है. ईरानी राष्ट्रपति के इस रुख को पाकिस्तान के लिए एक “साफ़ संकेत” माना जा रहा है कि ईरान अब दोतरफा भरोसे के लिए सख़्ती से पेश आ रहा है.
We’re pleased at the cessation of conflicts between Pakistan and India, and we hope the disputes between the two countries will be resolved.
— Khamenei.ir (@khamenei_ir) May 26, 2025
भारत पर कोई टिप्पणी नहीं
शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल मुनीर की इस यात्रा का एक उद्देश्य यह भी था कि वे भारत की हालिया सैन्य कार्रवाई को लेकर ईरान से समर्थन हासिल करें. लेकिन राष्ट्रपति पेजेशकियान ने इस मसले पर तटस्थ रुख अपनाते हुए सिर्फ यह कहा कि दक्षिण एशिया को पहले से कहीं अधिक शांति की जरूरत है. भारत के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की गई, न ही पाकिस्तान के दृष्टिकोण का समर्थन किया गया.
पाकिस्तान की सबसे बड़ी हार
ईरान का यह रुख पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक झटका माना जा रहा है, खासतौर पर तब जब वह भारत के साथ तनावपूर्ण संबंधों के बीच अंतरराष्ट्रीय समर्थन की उम्मीद कर रहा था. ईरानी नेतृत्व की प्राथमिकता इस समय अपने बॉर्डर क्षेत्रों में स्थिरता और आतंक के खात्मे पर केंद्रित दिख रही है. ईरान के राष्ट्रपति के बयान में पाकिस्तान के लिए भारत के हालिया संघर्ष के संदर्भ में भी ऐसा कुछ नहीं जिससे शहबाज शरीफ और मुनीर ईरान के दौरे से पीठ थपथपा सके या वाहवाही लूट सके. भारत की तरफ से पाकिस्तान के आतंकी ठिकाने और फिर जवाबी कार्रवाई में मिलिट्री एयरबेस पर हमले के संदर्भ में ईरानी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान के पक्ष में कोई बयान नहीं दिया. ईरानी राष्ट्रपति ने बस इतना कहा कि दक्षिण एशिया को पहले से ज्यादा शांति की जरूरत है.