Iran America Tensions Live: '…तो ईरान भी यूरोपीय सेना को घोषित करेगा आतंकी समूह', विदेश मंत्री अराघची का बड़ा बयान – AajTak

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ईरान पर हमले को लेकर सऊदी अरब ने अमेरिका को उकसाया
IRGC पर कार्रवाई से भड़का ईरान, यूरोप को दी चेतावनी
Iran Protest: ईरान के समाज को तोड़ने की साजिश थी- पेजेश्कियान
सऊदी की वार्निंग, अमेरिका की ढिलाई से ईरान होगा मजबूत
ईरान में इंटरनेट शटडाउन से लाखों कारोबार ठप
हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC ड्रिल पर अमेरिका की चेतावनी
‘IRGC की उकसावे वाली कार्रवाई बर्दाश्त नहीं’, अमेरिकी सेना का बयान
‘बैलिस्टिक मिसाइल पर कोई डील नहीं…’, ईरान ने किया साफ
US-Iran Tensions Live: ‘ईरान समझौता करना चाहता है’, बोले ट्रंप
Iran-America War Tension Live Updates: ईरान इस समय भारी दबाव में है. उसे बाहरी सैन्य खतरे, नए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और देश के अंदर बढ़ते संकट का सामना करना पड़ रहा है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर वह न्यूक्लियर डील पर वापस नहीं आता तो “समय खत्म होने वाला है.” ट्रंप ने किसी संभावित सैन्य कार्रवाई से पहले एक गुप्त डेडलाइन तय करने की बात कही है. उन्होंने ईरान के सामने दो शर्तें रखीं हैं जिनमें “परमाणु कार्यक्रम बंद करना” और “प्रदर्शनकारियों पर हिंसा रोकना.” शामिल है.
यूरोपीय संघ ने ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है और कई लोगों और संस्थाओं पर नए प्रतिबंध लगाए हैं. ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि देश बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन जरूरत पड़ी तो युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है.
इस बीच ईरान ने अपनी सेना में 1,000 नए ड्रोन शामिल किए हैं और हॉरमुज स्ट्रेट में सैन्य अभ्यास का ऐलान किया है. देश के अंदर हालात और खराब हैं. प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई में हजारों लोगों की मौत की खबरें हैं और बड़ी संख्या में गिरफ्तारियां हुई हैं. साथ ही इस्फहान के परमाणु ठिकाने की सुरक्षा भी बढ़ाई जा रही है.
ईरान-अमेरिका के तनाव पर तमाम लेटेस्ट न्यूज अपडेट्स के लिए बने रहिए इसी लाइव पेज पर…
ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर सऊदी अरब ने पर्दे के पीछे सख्त रुख अपनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने वॉशिंगटन में चेतावनी दी कि अगर ट्रंप प्रशासन पीछे हटा, तो ईरान और मजबूत होगा. यह रुख सऊदी अरब के सार्वजनिक संयम वाले बयानों से अलग नजर आता है.
पढ़ें पूरी रिपोर्ट: सऊदी ने ईरान पर अटैक के लिए अमेरिका को उकसाया, व्हाइट हाउस के बंद कमरे में हुई सीक्रेट मीटिंग
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि अगर IRGC को आतंकी संगठन घोषित किया गया, तो ईरान संसद के जरिए यूरोपीय सेनाओं को आतंकी सूची में डाल सकता है. उन्होंने कहा कि यूरोप की यह नीति क्षेत्रीय तनाव घटाने के बजाय बढ़ा रही है और मध्य पूर्व में उसकी भूमिका कमजोर होती जा रही है.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने कहा है कि हालिया हिंसक घटनाएं सामान्य सामाजिक विरोध नहीं थीं, बल्कि समाज को तोड़ने की साजिश थीं. उन्होंने आरोप लगाया कि डोनाल्ड ट्रंप, बेंजामिन नेतन्याहू और यूरोपीय ताकतों ने अशांति भड़काने, विभाजन पैदा करने और प्रदर्शनकारियों को समर्थन देने की कोशिश की, जिससे निर्दोष लोग भी सड़कों पर उतर आए.
सऊदी अरब के रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान ने वॉशिंगटन में चेतावनी दी है कि अगर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के खिलाफ अपनी धमकियों पर अमल नहीं करते, तो तेहरान और मजबूत होकर उभरेगा. Axios के मुताबिक, उन्होंने व्हाइट हाउस में शीर्ष अमेरिकी अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की है. गौरतलब है कि सऊदी ने अपनी जमीन से ईरान पर हमले न करने की अपील की है, जहां हजारों अमेरिकी सैनिक और हथियार तैनात हैं.
अमेरिका ने दावा किया है कि ईरान में हालिया इंटरनेट शटडाउन से एक मिलियन से ज्यादा ऑनलाइन कारोबार प्रभावित हुए हैं. बिक्री में 80 प्रतिशत तक गिरावट आई है और छोटे व्यवसाय सबसे ज्यादा संकट में हैं. अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक, ईरानी शासन की नीतियों से देश की अर्थव्यवस्था और रोजगार पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
हॉर्मुज स्ट्रेट में IRGC की लाइव-फायर नौसैनिक ड्रिल से पहले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान को किसी भी उकसावे से बचने की चेतावनी दी है. CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी जहाज़ों, विमानों या वाणिज्यिक पोतों के पास असुरक्षित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी.
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु समझौते को लेकर टकराव और गहरा गया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जहां नई और व्यापक डील के लिए दबाव बना रहे हैं, वहीं ईरान ने अपने मिसाइल कार्यक्रम को राष्ट्रीय सुरक्षा की रेड लाइन बताया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने साफ किया कि धमकी और प्रतिबंधों के माहौल में बातचीत संभव नहीं. इजरायल और अमेरिकी प्रतिबंधों ने हालात और तनावपूर्ण बना दिए हैं.
पूरी खबर पढ़ें: परमाणु समझौते की आड़ में ईरान के साथ खेला करने का प्लान… अमेरिका-इजरायल की चाल समझ गया तेहरान?
हॉर्मुज स्ट्रेट में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रस्तावित लाइव-फायर नौसैनिक अभ्यास से पहले अमेरिका ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है. अमेरिकी सेना ने साफ कहा है कि IRGC की किसी भी “असुरक्षित या उकसावे वाली कार्रवाई” को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. 
ईरान ने शुक्रवार को अमेरिका के साथ अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर किसी भी तत्काल बैठक या बातचीत से इनकार किया है. विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस्तांबुल में तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि फिलहाल अमेरिका से बातचीत की कोई ठोस योजना नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान निष्पक्ष और समान शर्तों पर वार्ता के लिए तैयार है, लेकिन अभी वे हालात पूरे नहीं हुए हैं. अराघची ने यह भी दोहराया कि ईरान का बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम किसी भी सूरत में बातचीत का हिस्सा नहीं बनेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें लगता है कि ईरान “समझौता करना चाहता है” ताकि अमेरिका की संभावित सैन्य कार्रवाई टल सके, हालांकि उन्होंने डील के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी. ट्रंप ने यह बयान व्हाइट हाउस में प्रेस से कहा, जिसमें उन्होंने बताया कि अमेरिका की एक बड़ी नौसैनिक ‘आर्मडा’ ईरान की ओर बढ़ रही है, जो वेनेजुएला के लिए भेजी गई ताकत से भी बडी़ है.
ट्रंप ने कहा, “उम्मीद है हम एक डील करेंगे. अगर हम डील करते हैं तो अच्छा है, नहीं तो देखना होगा क्या होता है.” उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के सामने बातचीत शुरू करने का एक डेडलाइन है, लेकिन “यह सिर्फ उन्हें ही पता है.”
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