Iran Anti-Khamenei Protests LIVE: खामेनेई शासन ने प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी-इजराइली एजेंट बताया, तुर्किये और – ABP News

ईरान एक बार फिर बड़े राजनीतिक संकट की ओर बढ़ता नजर आ रहा है. 8 जनवरी 2026 यानी गुरुवार को देशभर में प्रदर्शनकारियों ने धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ आंदोलन और तेज कर दिया, जिससे हालात बीते दो हफ्तों में सबसे ज्यादा हिंसक हो गए. बढ़ती अशांति को देखते हुए सरकार ने पूरे देश में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं. इस विरोध की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को हुई थी, जब ईरान की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई. राजधानी तेहरान के ऐतिहासिक बाजार (ग्रैंड बाजार) के बंद होने के साथ ही आर्थिक नाराजगी सड़कों पर आ गई. हालांकि शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई, बेरोजगारी और मुद्रा की गिरावट के खिलाफ था, लेकिन धीरे-धीरे यह सीधे सत्ता और धार्मिक नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन में बदल गया. अब यह आंदोलन सिर्फ तेहरान तक सीमित नहीं है.
कई प्रमुख प्रांतीय शहरों में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं, जहां सरकार विरोधी नारे लगाए जा रहे हैं. सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की खबरें भी सामने आ रही हैं, जबकि दमनकारी कार्रवाई में मरने वालों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है. ईरान में विरोध प्रदर्शन सभी 31 प्रांतों के 111 शहरों और कस्बों में फैल गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अब तक कम से कम 34 प्रदर्शनकारी और चार सुरक्षा कर्मी मारे गए हैं और 2,200 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है.
स्थिति को काबू में करने के लिए प्रशासन ने देशव्यापी इंटरनेट शटडाउन लागू कर दिया है. इससे सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स तक लोगों की पहुंच बाधित हो गई है. मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह कदम सूचना के प्रवाह को रोकने और विरोध की आवाज दबाने की कोशिश है. इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ईरानी अधिकारी प्रदर्शनकारियों पर हिंसा बढ़ाते हैं तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा.
AP की रिपोर्ट के मुताबिक, खामेनेई ने ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा, ‘प्रदर्शनकारी दूसरे देश के राष्ट्रपति को खुश करने के लिए अपनी ही सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं. ईरान को बहुत कड़े शब्दों में, बल्कि अभी मैं आपसे जो कह रहा हूं उससे भी कहीं अधिक कड़े शब्दों में, यह बताया गया है कि अगर वे ऐसा करते हैं, तो उन्हें इसका भारी खामियाजा भुगतना पड़ेगा.’
9 जनवरी 2026 को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह खामेनेई ने देश को संबोधित किया. खामेनेई ने कहा कि ईरान विदेशी समर्थित ऑपरेटिव्स (आतंकी एजेंटों) को बर्दाश्त नहीं करेगा. कुछ दंगाई सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने की कोशिश कर रहे हैं. खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा, ‘ट्रंप अपने देश की चिंता करें, क्योंकि ईरान विदेशी दबाव के सामने नहीं झुकेगा.’
Source: IOCL
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