Shubham Raja
Date: 22-09-26 15:37
TRAI New Rules: भारतीय दूरसंचार नियामक TRAI ने टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन रेगुलेशन में 13वां संशोधन किया है. नए नियम के तहत Airtel, Jio, Vodafone Idea और BSNL जैसी टेलीकॉम कंपनियों को ग्राहकों के लिए बिना डेटा वाले सस्ते मंथली प्लान पेश करने होंगे. इन प्लान में सिर्फ वॉइस कॉल और SMS की सुविधा मिलेगी.
इससे पहले भी TRAI के निर्देश पर कंपनियां वॉइस और SMS ओनली प्लान लॉन्च कर चुकी हैं. इनमें 84 दिन और 365 दिन तक की वैलिडिटी वाले प्लान शामिल हैं. अब नए नियम के तहत कम वैलिडिटी वाला सस्ता विकल्प भी ग्राहकों को देना होगा.
लॉन्च करना होगा सस्ता टैरिफ वाउचर
TRAI ने TCPR 2026 के 13वें संशोधन को मंजूरी दे दी है. इसके तहत टेलीकॉम कंपनियों को बिना डेटा वाले वॉइस और SMS ओनली स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) उपलब्ध कराने होंगे. इस नियम का ड्राफ्ट TRAI ने 7 अप्रैल 2026 को अपनी वेबसाइट पर जारी किया था.
नए प्लान खास तौर पर उन ग्राहकों के लिए होंगे, जिन्हें मोबाइल पर इंटरनेट की जरूरत नहीं है या जो कम खर्च में सिर्फ कॉल और SMS की सुविधा चाहते हैं. TRAI का कहना है कि टेलीकॉम सेवा अब लोगों की जरूरी जरूरतों में शामिल हो गई है. ऐसे में कम आय वाले ग्राहकों के लिए सस्ते विकल्प उपलब्ध कराना जरूरी है.
क्या है नया नियम?
नए नियम के मुताबिक, हर टेलीकॉम ऑपरेटर को 30 दिन या उससे कम वैलिडिटी वाला कम से कम एक स्पेशल टैरिफ वाउचर पेश करना होगा. इसमें सिर्फ वॉइस कॉल और SMS की सुविधा होगी और डेटा शामिल नहीं होगा.
इसके अलावा कंपनियों को ग्राहकों को ऐसा रिचार्ज विकल्प भी देना होगा, जिसमें वे हर महीने एक तय तारीख को अपना प्लान दोबारा रिचार्ज कर सकें. इससे ग्राहकों को हर बार अलग तारीख पर रिचार्ज कराने की परेशानी कम होगी.
टेलीकॉम कंपनियों को 30 दिन से ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक वॉइस और SMS ओनली प्लान भी देना होगा. यानी ग्राहक छोटी अवधि के साथ-साथ लंबी वैलिडिटी वाला बिना डेटा का प्लान भी चुन सकेंगे.
TRAI ने कंपनियों को दिया ये आदेश
TRAI ने कंपनियों को इन प्लान की कीमत उचित रखने के लिए भी कहा है. इनकी कीमत डेटा वाले प्लान की तुलना में कम होनी चाहिए, ताकि जिन ग्राहकों को डेटा की जरूरत नहीं है, उन्हें कम खर्च में मोबाइल सेवा मिल सके.
इसके अलावा TRAI ने फर्जी कमर्शियल कॉल और स्पैम पर भी नियम सख्त किए हैं. नए नियमों में संदिग्ध स्पैम की पहचान के लिए AI आधारित तकनीक का इस्तेमाल करने की बात कही गई है. ऑटोमेटेड कॉल्स को लेकर भी नए नियम लागू किए गए हैं.
संशोधित नियमों के तहत टेलीकॉम कंपनियों को संदिग्ध स्पैम गतिविधियों से जुड़े नंबरों की जानकारी साझा करनी होगी. अगर एक ही गतिविधि से जुड़े कई नंबर संदिग्ध पाए जाते हैं, तो उनकी आगे जांच करने की भी अनुमति होगी.
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