Yuvraj Singh
Date: 16-10-26 20:45
Kal Ka Mausam 17 October: देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने लगा है. पहाड़ी इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बीच मैदानी क्षेत्रों में भी ठंडक बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के मुताबिक, 17 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश हो सकती है. वहीं, दिल्ली-NCR में अगले कुछ दिनों तक बारिश की संभावना नहीं है. दक्षिण भारत के कई राज्यों में इसके उलट मानसूनी गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है, जिससे कुछ इलाकों में भारी बारिश लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है.
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में 17 अक्टूबर को मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है. मौसम विभाग के अनुसार, अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा कम रहने का अनुमान है, जिससे दिन के समय भी हल्की ठंडक महसूस हो सकती है. दिल्ली में 17 से 22 अक्टूबर तक बारिश होने की संभावना नहीं जताई गई है. दूसरी ओर, पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है. हालांकि, दिल्ली-NCR में तापमान में कितनी गिरावट आएगी, यह स्थानीय परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा.
हरियाणा-पंजाब से लेकर उत्तराखंड तक मौसम में बदलाव
उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की गतिविधियां अलग-अलग रूप ले सकती हैं. हरियाणा, पंजाब और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना पर नजर बनी हुई है. हिमालयी क्षेत्र में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का दौर देखने को मिल सकता है. उत्तराखंड के ऊंचाई वाले जिलों में मौसम अधिक ठंडा रहने की संभावना है, जबकि पहाड़ों से आने वाली ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों में भी तापमान को प्रभावित कर सकती हैं. फिलहाल व्यापक शीतलहर की आशंका नहीं जताई गई है.
दक्षिण भारत में भारी बारिश का अलर्ट
उत्तर भारत में जहां ठंडक बढ़ने के संकेत हैं, वहीं दक्षिण भारत के कई राज्यों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. मौसम विभाग ने कर्नाटक के तटीय और दक्षिणी आंतरिक क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, तमिलनाडु, तटीय आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है. ऐसे मौसम में लोगों को जलभराव वाले रास्तों और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचने की सलाह दी जाती है.
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी, कई पहाड़ी रास्ते बंद
हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में ताजा बर्फबारी से ठंड बढ़ गई है. रोहतांग दर्रे से लेकर लाहौल-स्पीति तक कई क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर दिखाई दे रही है. बर्फ जमने के कारण रोहतांग से सरचू, दारचा से शिंकू ला और ग्रामफू से बाटा जाने वाले मार्गों पर आवाजाही प्रभावित हुई है. चंबा के प्रसिद्ध साच पास को भी बर्फबारी के बाद बंद किया गया है. पांगी घाटी के सुराल में करीब 7 सेंटीमीटर और साच पास पर लगभग एक फीट ताजा बर्फ दर्ज की गई है. गोंदला और कीलोंग में भी लगभग 5 सेंटीमीटर बर्फबारी हुई है. इन इलाकों में यात्रा करने वालों को रवाना होने से पहले सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेनी चाहिए.
पहाड़ों पर बारिश-बर्फबारी, मैदानों में बढ़ेगी ठंड?
आने वाले दिनों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के मौसम पर पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिल सकता है. शिमला, मनाली, कुल्लू, मंडी और चंबा जैसे इलाकों में बारिश होने से तापमान में गिरावट आ सकती है, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना बनी रह सकती है. उत्तराखंड के पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और चमोली जैसे जिलों में भी मौसम खराब रहने की आशंका है. पहाड़ों में बदलते मौसम का असर मैदानी इलाकों तक पहुंच सकता है, जिससे सुबह और शाम की ठंड बढ़ सकती है. हालांकि, किसी भी क्षेत्र के लिए यात्रा या दैनिक गतिविधियों की योजना बनाने से पहले IMD के ताजा स्थानीय पूर्वानुमान पर नजर रखना जरूरी है.
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