Monsoon: भारत में दस्तक देने ही वाला है मॉनसून, इस राज्य के लिए मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, लोगों से सतर्क – India.Com

Monsoon News: पूरे भारत में करोड़ों लोग दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के आगमन का इंतजार कर रहे हैं. ये इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है. देश की मौसम एजेंसियों ने बताया है कि मॉनसून अब केरल के तट पर दस्तक देने वाला है. केरल ही देश में बारिश के मौसम का पारंपरिक प्रवेश द्वार है. मॉनसून आने के साथ ही बारिश का सिलसिला शुरू होगा और चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलेगी. हालांकि, भारी बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब भी बन सकती है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे केरलम राज्य में बारिश का अनुमान लगाया है. राज्य में मॉनसून की शुरुआत के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं. इस घटनाक्रम पर पूरे देश में बारीकी से नजर रखी जा रही है क्योंकि, केरल में मॉनसून आगमन के बाद देश के बाकी हिस्सों में भी आगे बढ़ता है और लोगों को तपन और लू से राहत मिलती है. मॉनसून का इंतजार किसानों को भी रहता है क्योंकि इसके आगमन के साथ ही खेती के सीजन की शुरुआत भी होती है.

IMD ने केरलम में तेज बारिश के दौर की आशंका को देखते हुए इस हफ्ते अलग-अलग दिनों के लिए सात जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है. राज्य के अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर और मलप्पुरम को बुधवार (3 जून) और गुरुवार (4 जून) के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ पर रखा गया है. पठानमथिट्टा और कोझिकोड को गुरुवार (4 जून) के लिए अलर्ट पर रखा गया है. अधिकारियों ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की है.

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, केरलम के कुछ जिलों में आने वाले दिनों में मॉनसून के कारण कम समय के भीतर 11 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश हो सकती है. इस तरह की तेज बारिश से शहरी इलाकों में अचानक बाढ़ आने और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन होने का खतरा बढ़ जाता है. किसी भी मुश्किल स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन एजेंसियों ने निगरानी और तैयारियों के उपायों को तेज कर दिया है.
अधिकारियों ने मछुआरों को सलाह दी है कि जब तक मौसम की स्थिति में सुधार न हो जाए, तब तक वे समुद्र में न जाएं. राज्य भर के स्थानीय निकायों ने बाढ़ के जोखिम को कम करने के लिए नालियों, नहरों और जलमार्गों की सफाई का काम भी तेज कर दिया है.

एक तरफ जहां देश भर में लोग अच्छी मॉनसूनी बारिश की उम्मीद लगाए बैठे हैं वहीं मॉनसून के मौसम में भारत में अल नीनो का असर होना भी तय है. ये जानकारी IMD के DGM डॉ. मृत्युंजय महापात्र ने दी है. आशंका है कि इस साल अल नीनो के कारण बारिश का स्तर पिछले 3 सालों में सबसे कम हो जाएगा. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अल नीनो के जून में उभरने की संभावना है. जुलाई के मध्य और अगस्त तक यह मध्यम स्तर हासिल कर लेगा. सितंबर में एल नीनो अपनी पूरी ताकत पर होगा. ऐसा प्रशांत महासागर में गर्मी बढ़ने के कारण हो रहा है. माना जा रहा है कि इसके असर से खेती भी प्रभावित हो रही है.
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उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले शिवेन्द्र राय को हिंदी डिजिटल पत्रकारिता में 5 साल का अनुभव है. वाराणसी के महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से इतिहास में एमए … और पढ़ें
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