MSHORAD Air Defence Battery: स्वीडिश डिफेंस कंपनी साब (Saab) को देश ने मोबाइल शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम यानी MSHORAD की तीसरी बैटरी का ऑर्डर दिया है. ये ऑर्डर लिथुआनियन डिफेंस मटेरियल एजेंसी की तरफ से दिया गया है. इसकी कीमत करीब 1.4 बिलियन स्वीडिश क्रोनर बताई जा रही है.
MSHORAD Air Defence Battery: लिथुआनिया अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की तैयारी में है. स्वीडिश डिफेंस कंपनी साब (Saab) को देश ने मोबाइल शॉर्ट रेंज एयर डिफेंस सिस्टम यानी MSHORAD की तीसरी बैटरी का ऑर्डर दिया है. ये ऑर्डर लिथुआनियन डिफेंस मटेरियल एजेंसी की तरफ से दिया गया है. इसकी कीमत करीब 1.4 बिलियन स्वीडिश क्रोनर बताई जा रही है. कंपनी के मुताबिक सिस्टम की डिलीवरी 2026 से 2030 के बीच की जाएगी.
JLTV 4×4 वाहनों में इंटीग्रेट करेगी
इस नए ऑर्डर के तहत साब MSHORAD सिस्टम को अमेरिकी कंपनी ओशकोश (Oshkosh) के JLTV 4×4 वाहनों में इंटीग्रेट करेगी. साब डायनेमिक्स के हेड गोरगेन योहान्सन ने कहा कि कंपनी को लिथुआनिया के लिए काम जारी रखने पर गर्व है. उन्होंने दावा किया कि यह मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम अत्याधुनिक प्रतिरोध तकनीकों को भी मात देने में सक्षम है. युद्धक्षेत्र में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता देता है.
MSHORAD एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम
MSHORAD एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है. इसे खास तौर पर कम ऊंचाई से होने वाले हवाई हमलों को रोकने के लिए बनाया गया है. इसका पूरा नाम Medium-Range Short Air Defence System है. मतलब है कि यह न सिर्फ तेजी से मूव कर सकता है. बल्कि कुछ ही मिनटों में किसी नए इलाके में तैनात होकर हमला करने वाले ड्रोन, हेलिकॉप्टर, क्रूज मिसाइल या लो-फ्लाइंग जेट को भी गिरा सकता है. आधुनिक युद्ध में ड्रोन सबसे बड़ा खतरा बन चुके हैं. इसी गैप को भरने के लिए MSHORAD जैसे सिस्टम बेहद अहम माने जाते हैं.
RBS 70 NG मिसाइल से लैस
Saab का MSHORAD पैक अपने आप में एक पूरा कॉम्बो है. इसमें RBS 70 NG मिसाइल मिलती है. जो लेजर-गाइडेड है और हवा में तेजी से मूव करते टारगेट को भी सटीक तरीके से हिट कर देती है. इसके साथ Giraffe 1X नाम का 3D रडार लगाया जाता है. जो 360 डिग्री में लगातार निगरानी रखता है. बहुत छोटे या कम ऊंचाई पर उड़ने वाले टारगेट को भी पकड़ लेता है. यह सिस्टम नेटवर्क-सेंट्रिक है. सभी सेंसर, कमांड व्हीकल और लॉन्चर आपस में जुड़े रहते हैं. इससे किसी भी खतरे पर तुरंत प्रतिक्रिया मिलती है.
लिथुआनिया जैसे देश इसे इसलिए खरीद रहे हैं. क्योंकि यूरोप में ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा पिछले कुछ सालों में बढ़ा है. रूस-यूक्रेन युद्ध ने साबित कर दिया कि आधुनिक आर्मी के लिए लो-लेवल एयर डिफेंस सबसे जरूरी क्षमता है. ऐसे में MSHORAD उनके लिए एक ऐसी ढाल बनकर आता है. जो तेज, भरोसेमंद और बेहद सटीक है.
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सचेंद्र सिंह का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ से है. इन्होंने अपनी पढ़ाई-लिखाई ‘संगम नगरी’ प्रयागराज में स्थित इलाहाबाद विश्वविद्यालय से की है. पढ़ने और लिखने में इनकी ऐसी रूचि रही कि इन्होंने पत्रकारिता जगत से जुड़कर अपना करियर बनाने की ठान ली. फिलहाल सचेंद्र ज़ी मीडिया समूह से जुड़कर ‘ज़ी भारत : ZEE Bharat’ के डिजिटल प्लेटफॉर्म में अपना योगदान दे रहे हैं. …और पढ़ें
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