उत्तर प्रदेश के नोएडा के फेज-2 इलाके में सोमवार सुबह वेतन को लेकर श्रमिकों का प्रदर्शन (Noida Protest Live) ने हिंसक रूप ले लिया. हो गया. करीब 9:30 बजे एक निजी कंपनी के कर्मचारी सैलरी की मांग को लेकर एकत्र हुए थे, लेकिन पुलिस से कहासुनी के बाद स्थिति तेजी से बिगड़ गई और प्रदर्शन उग्र रूप ले बैठा.
नोएडा के फेज़ 2 (Noida Phase 2 Protest) में, एक कंपनी के बड़ी संख्या में कर्मचारी वेतन वृद्धि की अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए जमा हुए. इस विरोध प्रदर्शन के दौरान वाहनों और संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया, और पत्थरबाज़ी भी हुई. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए यहाँ भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मामले में 60 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
उधर, लखनऊ में श्रम विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक में योगी आदित्यनाथ ने श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर कड़े निर्देश दिए. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर श्रमिक को सम्मानजनक मानदेय, सुरक्षित कार्य वातावरण और सभी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी औद्योगिक इकाइयां श्रम कानूनों का अक्षरशः पालन करें और श्रमिकों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए. सीएम ने निर्देश दिया कि सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरण अगले 24 घंटे के भीतर उद्योग संगठनों, प्रतिनिधियों और इकाई प्रबंधन से सीधा संवाद स्थापित करें.
मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग को स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सभी औद्योगिक इकाइयों से लगातार संवाद बनाए रखने को कहा. साथ ही चेतावनी दी कि श्रमिकों के नाम पर माहौल बिगाड़ने वाले तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और औद्योगिक क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ाई जाए.
इसके अलावा, उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि देश में कमजोर पड़ चुके नक्सलवाद को पुनर्जीवित करने की साजिशों से सतर्क रहें और किसी भी भड़काऊ गतिविधि पर कड़ी नजर रखें.
नोएडा मामले पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि नोएडा में जो हुआ, वह देश के मजदूरों की मजबूरी और दर्द की आवाज़ है. ₹12,000 की तनख्वाह में बढ़ती महंगाई और किराए के बीच गुज़ारा मुश्किल हो गया है. ईंधन की कीमतों और वैश्विक हालात का सबसे ज्यादा असर गरीब मजदूर पर पड़ा है, जबकि बड़े उद्योगपतियों पर इसका बोझ नहीं दिखता. 12 घंटे काम के बावजूद मजदूर अपने परिवार का खर्च और बच्चों की पढ़ाई मुश्किल से चला पा रहा है. ₹20,000 वेतन की मांग कोई लालच नहीं, बल्कि उनका हक है. सरकार को मजदूरों की बात सुननी चाहिए.
सेक्टर-80 में भी प्रदर्शनकारियों का रुख उग्र रहा, हालांकि पुलिस ने हालात पर काबू पा लिया. अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-70 में उपद्रव के आरोप में 15 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है.अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने कहा, ‘‘छिटपुट घटनाओं को छोड़कर स्थिति नियंत्रण में है. सरकार द्वारा वेतन वृद्धि और अन्य मांगों पर निर्णय लिए जाने के बाद श्रमिक शांतिपूर्वक काम पर लौट गए हैं.’’पुलिस आयुक्त ने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुबह से ही लगातार मार्च निकाले जा रहे हैं.
Source: IOCL
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