आजकल छंटनी की खूब चर्चा हो रही है, खासकर टेक कंपनियां कर्मचारियों को बाहर निकालने से बिल्कुल हिचक नहीं रही हैं. इस छंटनी के लिए ज्यादातर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है.
लेकिन दुनिया की सबसे बड़ी AI चिप बनाने वाली कंपनी Nvidia के CEO जेंसन हुआंग ने छंटनी के लिए सीधे तौर पर CEOs को जिम्मेदार ठहराया है. AI के नाम पर छंटनी केवल एक बहाना है, और उन्होंने इसपर कड़ा ऐतराज जताया है. हुआंग ने सिंगापुर के एक चैनल से बातचीत में कहा कि जो CEOs नौकरियों में कटौती के लिए AI को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, वे ‘आलसी’ हैं और उनका तर्क केवल खोखला है.
उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा कि AI नौकरियां बिल्कुल खाएगा नहीं, बल्कि भविष्य में और नए मौके पैदा करेगा. एनवीडिया के सीईओ का यह बयान बिजनेस जगत और नौकरीपेशा लोगों के बीच काफी चर्चा में है. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नौकरियों में कटौती के लिए AI को दोष देना एक कमजोर बहाना है. आमतौर पर माना जा रहा है कि AI से नौकरियां कम होंगी, लेकिन हुआंग इसके बिल्कुल उलट सोचते हैं. उनके मुताबिक अगले 5 सालों में बाजार में नौकरियों के अवसर और बढ़ेंगे.
दरअसल, दुनियाभर में AI को जिम्मेदार ठहराकर लोगों को जॉब से निकाले जा रहे हैं. लेकिन अब हुआंग का कहना है कि कुछ CEOs केवल अपनी गलतियों या फैसलों का ठीकरा AI के सिर पर फोड़ रहे हैं, उन्होंने कहा कि इस तरह के बहानों से हम आम लोगों को डरा रहे हैं, जो कि पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना है.
समय और तर्क के बीच कोई मेल नहीं
दरअसल, हुआंग ने इंटरव्यू में कहा, ‘AI तकनीक तो अभी-अभी आई है, यह कैसे संभव है कि कंपनियां इसकी वजह से पहले ही नौकरियां खत्म कर रही हैं? जो AI तकनीक केवल पिछले 6 महीने से काम के लायक है, उसके नाम पर कंपनियां दो साल पहले से लोगों को निकाल रही थीं. यह बात पूरी तरह से तर्कहीन है.’ हुआंग ने साफ शब्दों में कहा कि कंपनियां अपनी आर्थिक स्थिति या आंतरिक बदलावों के कारण छंटनी कर रही हैं, और AI के ऊपर ठीकरा फोड़ा जा रहा है.
AI आपका जॉब नहीं छीनेगा…
उन्होंने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि आपकी नौकरी AI की वजह से नहीं जाएगी, बल्कि आपकी नौकरी उस इंसान के पास चली जाएगी, जिसने आपसे बेहतर तरीके से AI टूल्स का इस्तेमाल करना सीख लिया है. उन्होंने कर्मचारियों को सलाह दी कि वे इस नई तकनीक से डरने के बजाय इसे एक टूल की तरह अपनाएं और खुद को अपग्रेड करें.
कंप्यूटर क्रांति से तुलना
हुआंग ने इतिहास का उदाहरण देते हुए कहा कि जब दुनिया में पर्सनल कंप्यूटर (PC) आए थे, तब भी ऐसा ही डर था. लेकिन जब कंप्यूटर आया, तो उसने लोगों की नौकरियां नहीं छीनीं, बल्कि ऐसे लोग पीछे छूट गए जिन्होंने कंप्यूटर चलाना नहीं सीखा. AI भी ठीक वैसा ही है. यह इंसानों को रिप्लेस करने के लिए नहीं, बल्कि उनके काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए है.
एनवीडिया का दिया उदाहरण
हुआंग ने अपनी ही कंपनी एनवीडिया का उदाहरण दिया, कंपनी लगातार नई भर्तियां कर रही है और अपना कारोबार फैला रही है, AI की मदद से उनकी कंपनी के काम की रफ्तार कई गुना बढ़ गई है.
यह विवाद क्यों शुरू हुआ?
पिछले कुछ महीनों में टेक और बैंकिंग सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है और साथ ही AI में भारी निवेश की घोषणा की है. इसी वजह से यह नैरेटिव बनाया जा रहा है कि AI इंसानों की जगह ले रहा है.
पिछले दिनों स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक के सीईओ बिल विंटर्स ने अगले चार वर्षों में 7,000 नौकरियां कम करने की बात करते हुए AI के मुकाबले कर्मचारियों को कमजोर बताया था. हालांकि, भारी विरोध के बाद उन्होंने माफी मांग ली थी. वहीं फेसबुक की पैरेंट कंपनी मेटा ने भी अपनी लागत कम करने और AI में निवेश बढ़ाने के लिए अपनी वर्कफोर्स में बड़ी कटौती की योजना बनाई है.
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