Pakistan News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 1000 से ज्यादा मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं. बताया जा रहा है कि भारत की तरफ हमले के डर से यह फैसला लिया गया. भारत पहले भी इन मदरसों पर आतंकियों के छिपने का आरोप लगाता रहा है.
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Pakistan News: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में 1000 से ज्यादा मदरसे कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं. स्थानीय अधिकारियों ने आज यानी 2 अप्रैल को यह ऐलान किया है. जराए ने बताया कि भारत की तरफ हमले के डर की वजह से पीओके में स्थित मदरसों को बंद कर दिया गया. भारत यह दावा करता रहा है कि इन संस्थानों का इस्तेमाल आतंकवादियों के छिपने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है.
स्थानीय लोगों का मानना है कि भारत पाकिस्तान के साथ पूर्ण पैमाने पर युद्ध शुरू नहीं करेगा, लेकिन नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ पीओके क्षेत्रों में कुछ हमले जरूर करेगा. 29 सितंबर 2016 को, भारतीय सेना के कमांडो की टीमों ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्र में प्रवेश आतंकी ठिकानों में छिपे बैठे आतंकवादियों को खत्म किया था.
यह कार्रवाई 18 सितंबर 2016 को जम्मू और कश्मीर के उरी में एक भारतीय सेना की चौकी पर हमला करने के दस दिन बाद हुई थी. हमले में 19 सैनिकों की मौत हो गई थी. एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा, “सरकार के निर्देशानुसार 1000 से अधिक मदरसे बंद कर दिए गए हैं. उन्हें कम से कम 10 दिनों के लिए बंद कर दिया गया है और छात्रों के लिए छुट्टियों की घोषणा कर दी गई है.”
इससे पहले पाकिस्तान ने किया था ये फैसला
इससे पहले पाकिस्तान ने बुधवार को गिलगित और स्कार्दू के लिए सभी घरेलू उड़ानें रद्द करने की घोषणा की. विदेशी उड़ानों की भी कड़ी निगरानी शुरू की गई. जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (सीएए) को सभी आने वाले विदेशी विमानों की जांच करने का निर्देश दिया गया. इस बीच पाकिस्तान ने भारत से लौटने वाले अपने नागरिकों के लिए वाघा सीमा को खुला रखने का ऐलान किया है. पहलगामा आतंकी हमले के बाद नई दिल्ली ने पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए थे.
भारतीयों के लिए वाघा बॉर्डर खुला
पाकिस्तान विदेश कार्यालय की तरफ से जारी बयान के मुताबिक, “हालांकि भारत से पाकिस्तानी नागरिकों की वापसी की आखिरी तारीख 30 अप्रैल थी, लेकिन अगर भारतीय अधिकारी उन्हें अपनी तरफ से सीमा पार करने की अनुमति देते हैं तो लाहौर में वाघा बॉर्डर हमारे नागरिकों के लिए खुला रहेगा.” बयान में कहा गया, “वाघा सीमा भविष्य में भी पाकिस्तानी नागरिकों के लिए खुली रहेगी.”
क्या है पूरा मामला
गौरतलब है कि आतंकियों ने 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में लोगों (ज्यादातर पर्यटक) पर अंधाधुंध गोलियां चला दी थीं. हमले में कम से कम 26 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए. प्रतिबंधित आतंकवादी समूह ‘लश्कर-ए-तैयबा’ से जुड़े ‘टीआरएफ’ ने इस हमले की जिम्मेदारी ली. पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया.
भारत और पाकिस्तान ने एक दूसरे पर लगाए संगीन इल्जाम
नई दिल्ली ने इस्लामबाद के खिलाफ कई सख्त कूटनीतिक और रणनीतिक कदम उठाए हैं. इनमें 1960 के सिंधु जल समझौते को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने, अटारी इंटिग्रेटेड चेक पोस्ट को बंद करने, पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा सेवाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने, शामिल हैं. भारत के इन फैसलों के बाद पाकिस्तान ने शिमला समझौते को स्थगित करने और भारतीय उड़ानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद करने, भारतीय नागरिकों के वीजा रद्दे करने जैसे कदम उठाए.
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