संसद का मॉनसून सत्र अभी तक हंगामे से भरा रहा है. विपक्ष ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे पर काफी बवाल किया है. इसके साथ-साथ और भी मसलों पर सवाल किया गया. इस बीच संसद में बुधवार का दिन काफी अहम साबित हुआ. लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 पेश किया गया. अब केंद्र सरकार तीन और अहम बिल लाने वाली है.
सरकार गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार या हिरासत में लिए जाने पर प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और केंद्र शासित प्रदेश के मुख्यमंत्री या मंत्री को पद से हटाने का प्रावधान करने के लिए संसद में तीन विधेयक पेश करने की योजना बना रही है. इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपने सभी सांसदों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है.
केंद्र सरकार संसद में तीन अहम बिल भी पेश करने वाली है. ये विधेयक हैं – केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक 2025; संविधान (130वां संशोधन) विधेयक 2025 और जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक 2025. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इन तीनों विधेयकों को संसद की एक संयुक्त समिति को भेजने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव भी पेश करेंगे.
इससे पहले लोकसभा में ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025 पेश किया गया. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसे मंगलवार (19 अगस्त) को ही मंजूरी दे दी थी. इसमें पैसे से जुड़े ऑनलाइन गेमिंग या इसके विज्ञापनों पर प्रतिबंध लगाने के प्रावधान के साथ इन्हें पेश करने या विज्ञापन देने वालों के लिए कारावास या जुर्माना, या दोनों का प्रावधान किया गया है. इसमें ऐसे खेलों को ई-स्पोर्ट्स या ऑनलाइन सोशल गेम्स से अलग किया गया है.
संसद के मॉनसून सत्र का आज (गुरुवार, 21 अगस्त) आखिरी दिन है. सत्र की शुरुआत 21 जुलाई से हुई थी. इस एक महीने के दौरान विपक्ष ने अलग-अलग मुद्दों पर काफी हंगामा किया.
‘ऑनलाइन गेमिंग संवर्धन और विनियमन विधेयक, 2025’ लोकसभा में पारित हुआ. इस बिल के पारित होने के साथ ही लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने सदन की कार्यवाही गुरुवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी. नए विधेयक के मुताबिक, ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाएं उपलब्ध कराने वाले किसी भी व्यक्ति को अधिकतम तीन साल की कैद, ₹1 करोड़ तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं. इन सेवाओं का विज्ञापन करने वालों पर दो साल तक की जेल और/या ₹50 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है. वहीं, रियल मनी गेम्स के लिए लेन-देन की सुविधा देने वाले बैंक और वित्तीय संस्थान भी तीन साल तक की कैद या ₹1 करोड़ तक के जुर्माने के लिए जिम्मेदार होंगे.
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने लोकसभा में हुए हंगामे पर कहा, आज सदन में जो हुआ वह अपने आप में बहुत शर्मनाक है ,विपक्षी पार्टियों ने आज संसद के इतिहास में काला अध्याय लिखा है. ऐसा इन्होंने केवल अपना भ्रष्टाचार छुपाने के लिए किया है. यह जो बिल आया है इसमें प्रधानमंत्री भी जुड़े हुए हैं केंद्रीय मंत्री भी जुड़े हुए हैं लेकिन इनको फिर भी इससे आपत्ति अहा. विपक्षी पार्टियां चाहती हैं की जेल से सरकार चलती रहे. यह सभी पार्टियां केवल अपने भ्रष्टाचार को छुपाने के लिए यह कर रहे हैं. क्या जेल से देश चल सकता है ,नहीं चल सकता है यही इस बिल में है. आज राहुल गाँधी और विपक्षी पार्टियों को जवाब देना चाहिए की वह भ्रष्टाचार के साथ क्यों खड़े हैं.
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने कहा, “… वे रातोंरात यह विधेयक क्यों लाए? क्योंकि कांग्रेस सड़कों पर उतर आई है. इसलिए, यह सिर्फ दिखावा है, बिल्कुल महिला विधेयक की तरह। यह सब सिर्फ नाटक है…”
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और प्रल्हाद जोशी एक बार फिर से लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने उनके ऑफिस पहुंचे.
Source: IOCL
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