Parliament session 5th day: संसद के शीतकालीन सत्र का आज (2 दिसंबर, 2024) को 5वां दिन है. आज सदन में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकिंग लॉ संशोधन बिल पेश कर सकती हैं. शीतकालीन सत्र के चौथे दिन भी विपक्ष ने लोकसभा और राज्यसभा में अडानी और संभल मुद्दा उठाया था.
सांसद कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद लगातार हंगामा कर रहे थे. इस दौरान स्पीकर ने उन्हें कई बार शांत कराने की कोशिश भी की, लेकिन वो शांत नहीं हुए.
‘देश चाहता है संसद चले’
विपक्ष के हंगामे के बाद स्पीकर ओम बिरला ने कहा था, “लोकतंत्र की ताकत सहमति और असहमति है. मुझे उम्मीद है कि सभी सदस्य सदन चलने देंगे. जनता भी संसद के बारें में चिंता जता रही है. सदन सबका है, देश चाहता है संसद चले. ‘
40 मिनट चली है कार्यवाही
शीतकालीन सत्र की शुरुआत 25 नवंबर को हुई थी. शीतकालीन सत्र के 4 दिनों में सदन की कार्यवाही सिर्फ 40 मिनट चली है. इस हिसाब से प्रत्येक दिन औसतन दोनों सदन (लोकसभा और राज्यसभा) में करीब 10-10 मिनट तक कामकाज हुआ है.
मल्लिकार्जुन खरगे ने दिया था बड़ा बयान
कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा था, “हम सदन नहीं चलने देते ये उनका(सरकार) आरोप है. मेरा आरोप ये है कि 2 मिनट में कार्यवाही स्थगित होती है. सरकार खुद स्थगित कर रही है. कभी आपने सुना है कि 5 मिनट में कार्यवाही स्थगित हो गई है? इतने लोग वहां चुन कर आए हैं उनकी बात सुने बिना कार्यवाही स्थगित होती है. ये उनकी गलती है हमारी नहीं. विपक्ष को विश्वास में लेकर सदन चलाना चाहिए.”
सत्र में कुल 16 बिल किए जाएंगे पेश
16 विधेयक को संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किए जाना है. इनमें से 11 विधेयक चर्चा के लिए पेश किए जाएंगे. जबकि 5 कानून बनने के लिए मंजूरी के लिए रखे जाएंगे. फिलहाल वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्तावित विधेयकों में शामिल नहीं है, लेकिन कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि सरकार इसे इस सत्र में ला सकती है.
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सभी विपक्षी दल चर्चा करना चाहते हैं. लंबित मुद्दों में से एक संविधान के 75वें वर्ष पर बहस का अनुरोध है और अगर सरकार चाहेगी तो संसद चलेगी. अतीत में कई वर्षगाँठों पर बहस हुई है. सरकार को संसद को चलाने के लिए विपक्ष के साथ सहयोग करना चाहिए.”
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “ऐसे मुद्दे हैं जिन पर सभी विपक्षी दल चर्चा करना चाहते हैं. लंबित मुद्दों में से एक संविधान के 75वें वर्ष पर बहस का अनुरोध है और अगर सरकार चाहेगी तो संसद चलेगी. अतीत में कई वर्षगाँठों पर बहस हुई है. सरकार को संसद को चलाने के लिए विपक्ष के साथ सहयोग करना चाहिए.”
पिछले कुछ दिनों में संसद की कार्यवाही जल्दी स्थगित होने पर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “हम पहले ही स्पीकर से मिल चुके हैं और हमारी एकमात्र मांग यह है कि उन्हें सदन को सुचारू रूप से चलाने के लिए कार्रवाई करनी होगी. हम सदन चलाने के लिए तैयार हैं, बशर्ते कि उस संविधान पर चर्चा होनी चाहिए जिसका उन्होंने हमसे वादा किया था.”
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामा शुरू दिया, जिसके बाद अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया.
कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में गठबंधन के नेताओं की बैठक हुई. इस बैठक में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी मौजूद थे.