PM मोदी के वीडियो पर बैन, अब मुश्किल में Meta, सरकार संग 45 मिनट तक मीटिंग – ABP News

मेटा ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक वीडियो फेसबुक पर रिस्ट्रिक्ट कर दिया था. इस मामले पर मेटा की मुश्किलें लगातार बढ़ती ही जा रही हैं. मेटा की टीम ने बुधवार (5 अगस्त) को MeitY सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की. टीम की अगुवाई चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान कर रहे थे. मीटिंग करीब 45 मिनट तक चली और मामले पर विस्तार से बात हुई.
मेटा के अधिकारियों की मंत्रालय में चली 45 मिनट की मीटिंग में वीडियो हटाने के कारणों पर बात हुई. मेटा ने गलती से वीडियो हटाए जाने के पीछे के कारणों को स्पष्ट किया. इसके साथ ही फेसबुक पर बाल यौन शोषण एवं उत्पीड़न सामग्री (सीएसएएम) पर प्रभावी रोक में चूक और अन्य नियामकीय मुद्दों पर चर्चा हुई. अधिकारी अब सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव से भी मुलाकात करेंगे. मेटा ने इससे पहले कहा था कि वीडियो जानबूझकर नहीं हटाया गया था. अहम बात यह भी है कि वीडियो फेसबुक काफी देर तक नहीं दिखा, लेकिन इसके बाद फिर से दिखने लगा था. 
फेसबुक ने मांग ली थी माफी, सरकार ने कहा था- काफी नहीं
अमेरिकी कंपनी ने इस घटना के लिए तकनीकी गड़बड़ी को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी मांगी थी और कहा था कि पोस्ट गलती से हट गई थी, जिसे बाद में बहाल कर दिया गया. हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने कंपनी के इस स्पष्टीकरण को पर्याप्त नहीं बताया था.

मार्क जुकरबर्ग से माफी की मांग
संसद की एक स्थाई समिति ने प्रधानमंत्री मोदी का वीडियो फेसबुक से कुछ घंटों के लिए हटाए जाने के मामले को गंभीरता से लिया है. समिति ने मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) मार्क जुकरबर्ग से तीन दिनों के भीतर बिना शर्त माफी मांगने को कहा है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (एमईआईटीवाई) के सचिव को भेजे गए एक पत्र में समिति ने कहा कि प्रधानमंत्री के भाषण वाले वीडियो को हटाया जाना बेहद गंभीर मामला है और इस पर जवाबदेही तय की जानी चाहिए.
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रत्नाकर पाण्डेय एक डायनामिक मीडिया प्रोफेशनल हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 10 साल से ज़्यादा का अनुभव है. वे खबरों को साफ, सटीक और असरदार तरीके से पेश करने में माहिर हैं. नेशनल और इंटरनेशनल मुद्दों के साथ-साथ उन्हें स्पोर्ट्स की गहरी समझ है. वे खेल से जुड़ी खबरें और एनालिसिस को आसान और दिलचस्प भाषा में लिखते हैं, जिससे पाठक सीधे जुड़ाव महसूस करते हैं.
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