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पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड कहे जाने वाले आतंकी हमजा बुरहान को पाक अधिकृत कश्मीर के मुजफ्फराबाद में दफनाए जाने का वीडियो सामने आया है. यह वीडियो सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है. वीडियो में साफ दिख रहा है कि जिस आतंकी ने भारत के खिलाफ साजिश रची थी, उसका अंत भी वैसे ही हुआ.
बताया जा रहा है कि हमजा बुरहान की मौत ‘अज्ञात हमलावरों’ के हाथों हुई. उसके जनाजे में बड़ी संख्या में ऐसे लोग पहुंचे, जिनका संबंध हिजबुल मुजाहिदीन और अल बदर जैसे आतंकी संगठनों से बताया जा रहा है. यही वजह है कि इस वीडियो ने पाकिस्तान और POK में सक्रिय आतंकी नेटवर्क पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं. माना जा रहा है कि मुजफ्फराबाद सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि कई आतंकी संगठनों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है.
आज तक/इंडिया टुडे पर हमजा बुरहान के मारे जाने की खबर सामने आने के बाद पाकिस्तान में भी इसको लेकर चर्चा तेज हो गई. पाकिस्तान की ओर से हमजा को एक स्कूल का प्रिंसिपल बताया जा रहा है, लेकिन सामने आए वीडियो उसकी दूसरी सच्चाई बयां करते हैं. वीडियो में हमजा बुरहान आधुनिक हथियार AK-47 जैसे असॉल्ट राइफल के साथ दिखाई देता है. वह हथियारबंद लोगों के साथ मिलता और गले मिलता नजर आता है, जिससे उसके आतंकी संबंधों की पुष्टि होने का दावा किया जा रहा है.
सूत्रों के मुताबिक यह वीडियो हमजा की हत्या से कुछ दिन पहले का बताया जा रहा है. कहा जा रहा है कि हमजा हर वक्त अपने साथ AK-47 रखता था क्योंकि उसे डर था कि कभी भी उस पर हमला हो सकता है. यही वजह थी कि वह भारी सुरक्षा और हथियारबंद लोगों के बीच रहता था. वीडियो में उसकी गतिविधियां किसी शिक्षक या सामान्य नागरिक जैसी नहीं, बल्कि एक प्रशिक्षित आतंकी की तरह दिखाई देती हैं.
रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने हमजा को स्कूल प्रिंसिपल के रूप में तैनात किया था. आरोप है कि वह स्कूल में पढ़ने वाले मासूम बच्चों के बीच ISI का प्रोपेगेंडा फैलाने का काम करता था. इतना ही नहीं, बच्चों को कट्टरपंथी सोच की तरफ प्रभावित करने और भारत विरोधी विचारधारा फैलाने के लिए भी इस्तेमाल किए जाने की बात कही जा रही है. इस खुलासे ने पाकिस्तान की शिक्षा व्यवस्था और आतंकी नेटवर्क के गठजोड़ पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.
हमजा बुरहान के अंतिम संस्कार का वीडियो अब पाकिस्तान के उस चेहरे को उजागर करता दिख रहा है, जिसमें आतंकवाद को लगातार संरक्षण मिलने के आरोप लगते रहे हैं. जनाजे में आतंकी संगठनों से जुड़े लोग हथियारों के साथ दिखाई दे रहे है. संदिग्ध लोग इस बात की तरफ इशारा करते हैं कि POK में अब भी आतंकी कैंप और नेटवर्क सक्रिय हैं. इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह बहस तेज कर दी है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई के दावों के बावजूद जमीन पर आखिर क्या कर रहा है.
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