Prayagraj News: प्रवक्ता भर्ती के लिए पीजी में 50 प्रतिशत अनिवार्य – Hindustan

Prayagraj News: प्रयागराज मुख्य संवाददाता प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती के लिए वहीं अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे जिनके परास्नातक में कम से कम 50 प्रतिशत अंक होंगे। शिक्षा निदेशालय में प्रवक्ता भर्ती की नियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेज दिया है। उम्मीद है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) की गाइडलाइन के अनुसार संशोधन को जल्द मंजूरी मिल जाएगी।

पिछले दिनों शिक्षा निदेशालय पहुंचे अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अफसरों से एनसीटीई के अनुसार शैक्षिक अर्हता निर्धारित करने के आदेश दिए थे ताकि बेवजह विधिक अड़चन न होने पाए। एनसीटीई ने एक दशक पहले ही प्रवक्ता भर्ती के लिए परास्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त लागू कर दी थी। हालांकि यूपी में अब तक यह नियम लागू नहीं हो सका था।

शासन स्तर पर नियमावली संशोधन की मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजी जाएगी और उसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। टीजीटी के 17740 और पीजीटी के 2615 पदों का अधियाचन चयन आयोग को भेजा गया है।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने प्रशिक्षित स्नातक (टीजीटी) भर्ती में टीईटी अनिवार्य करने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। अधिकांश स्कूलों में कक्षा छह से दस तक की पढ़ाई होती है। ऐसे में कक्षा छह से आठ तक की शिक्षक भर्ती में एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार टीईटी पास होना जरूरी है। इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए स्नातक में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक होना जरूरी है। यदि स्नातक में 50 प्रतिशत अंक नहीं है तो परास्नातक में उसी विषय में 45 प्रतिशत अंक वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे।

प्रयागराज। टीजीटी भर्ती का इंतजार कर रहे प्रतियोगी छात्रों ने 15 सितंबर तक हर हाल में विज्ञापन जारी करने की मांग की है। सुनील कुमार का कहना है कि भर्ती जल्द पूरी की जाए और 15 जनवरी से पहले चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया जाए।

प्रयागराज। टीजीटी भर्ती में टीईटी अनिवार्य किए जाने के प्रस्ताव का छात्रों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा का कहना है कि टीजीटी की भर्ती में टीईटी लागू करने का प्रस्ताव विज्ञापन फंसाने की साजिश है। विज्ञापन आने से दस दिन पहले अचानक टीईटी थोपी गई तो छात्र बड़ा आंदोलन खड़ा कर सकते हैं।

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