Purnia News: पूर्णिया, वरीय संवाददाता। दुर्गा पूजा के दौरान पूजा पंडालों के सुरक्षित, व्यवस्थित एवं शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। फायर सेफ्टी को लेकर जिला ने पंडालों में अग्निरोधी सामग्री, आपातकालीन निकास और सुरक्षित विद्युत व्यवस्था अनिवार्य किया है। पूजा पंडालों के निर्माण में अनिवार्य रूप से अग्निरोधी सिंथेटिक या उपचारित कपड़ों और सामग्रियों का ही उपयोग होगा। विद्युत तारों को खुला न छोड़ें, सभी कनेक्शनों को सुरक्षित, इंसुलेटेड एवं व्यवस्थित रखने के लिए कहा गया है ताकि शॉर्ट-सर्किट की संभावना न रहे। प्रत्येक पूजा पंडाल परिसर में पर्याप्त संख्या में चालू अवस्था में अग्निशमन यंत्र और बालू/पानी से भरी बाल्टियाँ रखी जाएंगी। जिलाधिकारी अंशुल कुमार के दिशा-निर्देशों के आलोक में जिला अग्निशमन विभाग द्वारा सभी पूजा समितियों एवं पंडाल निर्माताओं के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला अग्निशमन पदाधिकारी अनिल कुमार ने पंडालों में अग्नि सुरक्षा के कड़े मानकों के अनुपालन, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन तैयारियों के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।
-अग्निरोधी सामग्री का उपयोग:- पूजा पंडालों के निर्माण में अनिवार्य रूप से अग्निरोधी सिंथेटिक या उपचारित कपड़ों और सामग्रियों का ही उपयोग किया जाए।
– विद्युत तारों को खुला न छोड़ें। सभी कनेक्शनों को सुरक्षित, इंसुलेटेड एवं व्यवस्थित रखा जाए ताकि शॉर्ट-सर्किट की संभावना न रहे।
– प्रत्येक पूजा पंडाल परिसर में पर्याप्त संख्या में चालू अवस्था में अग्निशमन यंत्र और बालू/पानी से भरी बाल्टियाँ रखी जाएँ।
– आपातकालीन स्थिति में श्रद्धालुओं के सुरक्षित और त्वरित निकास के लिए चौड़े एगज़िट बनाए जाएँ। इसके अतिरिक्त, पंडाल तक अग्निशमन वाहनों के निर्बाध पहुँचने हेतु मार्ग को बाधा-मुक्त रखा जाए।
– पूजा अवधि के दौरान पंडालों में वॉलंटियर्स और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती रहे, जो अग्निशमन उपकरणों के उपयोग के लिए प्रशिक्षित हों।
-जिला अग्निशमन पदाधिकारी ने सभी पूजा समितियों से अपील की कि वे सुरक्षा मानकों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की लापरवाही श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घातक सिद्ध हो सकती है। अग्निशमन विभाग पूजा अवधि के दौरान पूर्ण सतर्कता बरतेगा और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम तैनात रहेगी.
हिन्दुस्तान भारत का एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार-पत्र है, जिसकी स्थापना 1936 में महामना पंडित मदन मोहन मालवीय ने की थी। स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को समेटे यह प्रकाशन आज भारत के सर्वाधिक पढ़े जाने वाले हिंदी समाचार-पत्रों में दूसरे स्थान पर है। WAN-IFRA के अनुसार, 2016 में ‘हिन्दुस्तान’ विश्व के शीर्ष 13 सर्वाधिक प्रसारित अखबारों में शामिल था। हर रोज 5 राज्यों सहित देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर (नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम) में 23 संस्करण प्रकाशित होते हैं। ‘पाठक सर्वोपरि’ हिन्दुस्तान की संपादकीय नीति है। समय पर, शोध और गहन खोजबीन के बाद विस्तार से न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित की जाती है। हर खबर में सभी पक्षों और दृष्टिकोणों को संतुलित रूप से पेश किया जाता है।
आरएसएस विज्ञापन र॓टहमार॓ साथ कामकरेंहमारे बारे मेंसंपर्क करेंगोपनीयतासाइट जानकारी
Advertise with usAbout usCareers Privacy Contact usSitemapCode Of Ethics
Partner sites: Hindustan TimesMintHT TechShineHT Auto HealthshotsHT SmartcastFAB Play