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रेड मीट को लेकर लोगों के बीच काफी कन्फ्यूजन रहता है. कुछ लोग इसे सेहत के लिए नुकसानदायक मानते हैं और दिल की बीमारी से जोड़ देते हैं, जबकि कुछ इसे पूरी तरह डाइट से हटा देते हैं. लेकिन क्या वाकई रेड मीट इतना नुकसानदेह है, या फिर इसके बारे में फैली बातें सिर्फ मिथक हैं? फोर्टिस वसंत कुंज के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और हेपेटोलॉजिस्ट डॉ. शुभम वत्स्य ने हाल ही में रेड मीट से जुड़ें मिथकों पर बात की है. डॉ. वत्स्य के अनुसार, भारत में यह सबसे बड़ा मिथक है कि रेड मीट खाने से हार्ट अटैक होता है. उनका कहना है कि अगर रेड मीट को सही तरह से और सही तरीके से खाया जाए तो यह सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकता है.
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रेड मीट खाने के फायदे
रेड मीट कैसे खाएं?
रेड मीट को छोड़ने की नहीं, बल्कि सही से खाने की जरूरत है. डॉ. वत्स्य चेतावनी देते हुए कहते हैं कि प्रोसेस्ड फॉर्म में बने रेड मीट जैसे सॉसेज, बेकन और सालामी खाने से हार्ट की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है. वे सलाह देते हुए कहते हैं कि हमेशा बिना प्रोसेस वाले, पतले (लीन) कट के लाल मांस को चुनें और इसे हफ्ते में एक-दो बार, हथेली जितने हिस्से तक ही लें. जब भी रेड मीट खाएं, उसके साथ फाइबर वाली चीजें डाइट में जरूर शामिल करें ताकि आपका खाना हेल्दी और बैलेंस में रहे.
नोट: यह खबर सिर्फ जानकारी के लिए है अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने से पहले डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह लेना न भूलें.
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