Saraikela News: सरायकेला, संवाददाता । सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड अंतर्गत चमारू पंचायत के रंगामाटिया गांव में सरकारी जमीन की बंदोबस्ती को लेकर जारी विवाद अब और गहरा गया है। इस मामले को लेकर रविवार को रंगामाटिया गांव में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण ग्रामसभा आयोजित की गई। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने इस बंदोबस्ती को पूरी तरह नियमों के विरुद्ध बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने और जमीन को सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षित करने की मांग जिला प्रशासन से की है। ग्रामसभा में ग्रामीणों ने खुलासा किया कि रंगामाटिया गांव के खाता संख्या 218, प्लॉट संख्या 1003 की कुल 4 एकड़ 40 डिसमिल सरकारी जमीन में से 1 एकड़ जमीन करीब 25 वर्ष पहले सुसेन महतो के नाम पर बंदोबस्त कराई गई थी। ग्रामीणों ने छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम अथवा संबंधित बंदोबस्ती अधिनियम की धारा 46 का हवाला देते हुए कहा कि नियमों के अनुसार यदि निर्धारित शर्तों के तहत पांच वर्षों तक आवंटित जमीन पर खेती या दखल-कब्जा नहीं किया जाता है, तो सक्षम प्राधिकारी को उस बंदोबस्ती को रद्द करने का पूरा अधिकार है। ग्रामीणों का दावा है कि इस मामले में शर्तों का सीधा उल्लंघन हुआ है। यह विवाद नया नहीं है, बल्कि इससे पहले भी गांव में इसे लेकर भारी तनाव देखा गया था। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में उक्त सरकारी जमीन पर बने एक मकान को ग्रामीणों द्वारा तोड़ दिया गया था। दरअसल, वह मकान उसी स्थान पर बनाया जा रहा था जहां गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रस्तावित था। ग्रामीणों के विरोध और कार्रवाई के बाद से ही यह मामला लगातार तूल पकड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सुसेन महतो एक आर्थिक रूप से समृद्ध व्यक्ति हैं। उनके पास पहले से ही कई एकड़ निजी भूमि उपलब्ध है और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र में उनकी निजी कंपनी भी संचालित हो रही है। ऐसे में भूमिहीनों के हक को मारकर एक संपन्न व्यक्ति को सरकारी जमीन देना पूरी तरह गलत है।
अब ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस कथित गलत बंदोबस्ती को तुरंत रद्द कर पूरी जमीन को सरकारी उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जाए, ताकि भविष्य में गांव के भीतर स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल या अन्य किसी भी जन-कल्याणकारी सरकारी संस्थान के निर्माण में कोई कानूनी या व्यावहारिक बाधा उत्पन्न न हो सके।
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