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Second Bada Mangal 2026: आज (12 मई) ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी महीने के मंगलवार को भगवान राम की पहली मुलाकात भगवान हनुमान से हुई थी. ऐसा माना जाता है कि जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं, हनुमान जी की पूजा करते हैं, भंडारा करवाते हैं और दान करते हैं, उन्हें विशेष फल और आशीर्वाद मिलता है. हालांकि, इस बार दूसरा बड़ा मंगल पंचक के प्रभाव में पड़ रहा है, इसलिए भक्त यह जानना चाहते हैं कि पूजा का सही समय क्या है और क्या पंचक का असर हनुमान जी की पूजा पर पड़ेगा.
दूसरा बड़ा मंगल 2026 पूजा मुहूर्त (Second Bada Mangal 2026 Shubh Muhurat)
दूसरे बड़े मंगल का शुभ पूजा मुहूर्त आज सुबह 8 बजकर 55 मिनट से शुरू होकर दोपहर 1 बजकर 59 मिनट तक रहेगा. इस दिन सुबह के समय हनुमान जी की पूजा करना बहुत शुभ माना जाता है. साथ ही, इस दिन हनुमान जी को चोला चढ़ाने से अच्छे और सकारात्मक फल मिलने की मान्यता है.
रोग पंचक में बड़ा मंगल (Panchak Effect on Bada Mangal)
इस बार बड़ा मंगल रोग पंचक के दौरान पड़ रहा है. आमतौर पर पंचक के समय शुभ काम करने से बचा जाता है, लेकिन ज्योतिष के अनुसार हनुमान जी सर्वशक्तिमान माने जाते हैं, इसलिए उनकी पूजा इस दौरान भी की जा सकती है. मान्यता है कि पंचक में पंचमुखी हनुमान की पूजा करने से डर, तनाव और दुश्मनों से होने वाली परेशानियां दूर होती हैं. इस दिन भंडारा करवाना भी ठीक माना गया है. हालांकि, भक्तों को सलाह दी जाती है कि पंचक के दौरान कोई नया शुभ या मांगलिक काम शुरू न करें.
पंचक में हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
पंचक में पड़ने वाले बड़ा मंगल के दिन भक्तों को हनुमान जी को सिंदूर, लाल चंदन और लाल फूल अर्पित करने चाहिए. इसके साथ ही चमेली के तेल का दीपक जलाना भी बहुत शुभ माना जाता है.
भक्त इस दिन इस मंत्र का जाप कर सकते हैं:
‘ऊं नमो भगवते पंचवदनाय, पूर्वकपि मुखाय, सकल शत्रु संहारणाय स्वाहा.’
इस दिन हनुमान बीसा, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना बहुत फलदायी माना जाता है. हालांकि, पंचक के दौरान हवन या यज्ञ करना मना होता है.
जरूरी बातें ध्यान रखें
1. बड़ा मंगल के दिन हनुमान जी की पूजा करने वाले भक्तों को काले और नीले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए. इस दिन लाल, पीले या सफेद रंग के कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.
2. व्रत और पूजा करने वाले लोगों को गुस्सा और नकारात्मक सोच से दूर रहना चाहिए और पूरे दिन ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए.
3. मान्यता के अनुसार, इस दिन सिर्फ सात्विक भोजन करना चाहिए और मांसाहार व शराब का पूरी तरह से त्याग करना चाहिए.
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