Shreeom Singh
Date: 10-10-26 10:46
Shardiya Navratri 2026: शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है. मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा हाथी पर सवार होकर धरती पर आती हैं. माता की हाथी पर सवारी को सुख, समृद्धि और तरक्की का संकेत माना जाता है. नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के साथ मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा शुरू होती है. इस बार कलश स्थापना के लिए सुबह और दोपहर में शुभ मुहूर्त हैं. पहले दिन द्विपुष्कर योग भी बन रहा है. आइए जानते हैं कि नवरात्रि के नौ दिनों में पूजा के शुभ मुहूर्त और योग कब-कब बनेंगे. साथ ही, दुर्गाष्टमी, महानवमी और दशहरा की तारीख और मुहूर्त भी जानें.
शारदीय नवरात्रि 2026: प्रतिपदा तिथि का समय
आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 10 अक्टूबर, शनिवार को रात 9:19 बजे होगी. इसका समापन 11 अक्टूबर, रविवार को रात 9:30 बजे होगा. इसी तिथि से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होगी.
कलश स्थापना मुहूर्त 2026
नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना के लिए दो शुभ मुहूर्त हैं. सुबह कलश स्थापना का समय 6:19 बजे से 10:12 बजे तक रहेगा. वहीं, दोपहर में अभिजीत मुहूर्त के दौरान सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक घट स्थापना की जा सकती है.
नवरात्रि के पहले दिन के मुहूर्त और योग
11 अक्टूबर को नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी. इस दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:40 बजे से 5:30 बजे तक रहेगा. अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक है.
द्विपुष्कर योग रात 9:30 बजे से 10:32 बजे तक रहेगा. वहीं, वैधृति योग सुबह से रात 9:05 बजे तक और चित्रा नक्षत्र सुबह से रात 10:32 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि के दूसरे दिन के मुहूर्त और योग
12 अक्टूबर, सोमवार को नवरात्रि का दूसरा दिन होगा. इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाएगी. द्वितीया तिथि 11 अक्टूबर को रात 9:30 बजे शुरू होकर 12 अक्टूबर को रात 10:13 बजे तक रहेगी.
इस दिन विष्कंभ योग सुबह से रात 8:32 बजे तक और स्वाति नक्षत्र रात 11:52 बजे तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 बजे से 5:30 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक है.
नवरात्रि के तीसरे दिन के मुहूर्त और योग
13 अक्टूबर, मंगलवार को नवरात्रि का तीसरा दिन है. इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा होगी. तृतीया तिथि 12 अक्टूबर को रात 10:13 बजे शुरू होकर 13 अक्टूबर को रात 11:27 बजे तक रहेगी.
इस दिन प्रीति योग रात 8:24 बजे तक और विशाखा नक्षत्र देर रात 1:43 बजे तक रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 बजे से 5:31 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है. रवि योग देर रात 1:43 बजे से 14 अक्टूबर की सुबह 6:21 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि के चौथे दिन के मुहूर्त और योग
14 अक्टूबर, बुधवार को नवरात्रि का चौथा दिन है. इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाएगी. चतुर्थी तिथि 13 अक्टूबर को रात 11:27 बजे शुरू होकर 15 अक्टूबर को देर रात 1:13 बजे तक रहेगी.
इस दिन आयुष्मान योग रात 8:39 बजे तक रहेगा. अनुराधा नक्षत्र 15 अक्टूबर की सुबह 4:03 बजे तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग 14 अक्टूबर की सुबह 6:21 बजे से 15 अक्टूबर की सुबह 4:03 बजे तक रहेंगे.
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:41 बजे से 5:31 बजे तक रहेगा. इस दिन अभिजीत मुहूर्त नहीं है.
नवरात्रि के पांचवें दिन के मुहूर्त और योग
15 अक्टूबर, गुरुवार को नवरात्रि का पांचवां दिन है. इस दिन मां स्कंदमाता की पूजा होगी. पंचमी तिथि 15 अक्टूबर को रात 1:13 बजे शुरू होकर 16 अक्टूबर को सुबह 3:25 बजे तक रहेगी.
इस दिन सौभाग्य योग रात 9:15 बजे तक रहेगा, जबकि ज्येष्ठा नक्षत्र पूरे दिन और रात रहेगा. ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:42 बजे से 5:32 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक है.
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नवरात्रि के छठे दिन के मुहूर्त और योग
16 अक्टूबर, शुक्रवार को नवरात्रि का छठा दिन होगा. इस दिन मां कात्यायनी की पूजा की जाएगी. षष्ठी तिथि 16 अक्टूबर को सुबह 3:25 बजे से शुरू होकर 17 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे तक रहेगी.
शोभन योग रात 10:06 बजे तक रहेगा. रवि योग सुबह 6:47 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 6:23 बजे तक रहेगा. ज्येष्ठा नक्षत्र सुबह 6:47 बजे तक रहेगा, इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होगा.
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:42 बजे से 5:32 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि के सातवें दिन के मुहूर्त और योग
17 अक्टूबर, शनिवार को नवरात्रि का सातवां दिन है. इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी. सप्तमी तिथि 17 अक्टूबर को सुबह 5:54 बजे शुरू होकर 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे तक रहेगी.
इस दिन अतिगण्ड योग रात 11:03 बजे तक रहेगा. रवि योग सुबह 6:23 बजे से 9:47 बजे तक है. मूल नक्षत्र सुबह 9:47 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र शुरू होगा.
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 बजे से 5:33 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि के आठवें दिन के मुहूर्त और योग
18 अक्टूबर, रविवार को नवरात्रि का आठवां दिन है. इस दिन सुबह 8:27 बजे तक सप्तमी तिथि रहेगी, इसके बाद अष्टमी तिथि शुरू होगी.
सुकर्मा योग रात 11:56 बजे तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग दोपहर 12:49 बजे से 19 अक्टूबर की सुबह 6:24 बजे तक रहेगा. पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 12:49 बजे तक रहेगा.
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 बजे से 5:33 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि के नौवें दिन के मुहूर्त और योग
19 अक्टूबर, सोमवार को दुर्गाष्टमी और महानवमी मनाई जाएगी. इस दिन अष्टमी और नवमी दोनों तिथियां पड़ रही हैं. अष्टमी तिथि 18 अक्टूबर को सुबह 8:27 बजे शुरू होकर 19 अक्टूबर को सुबह 10:51 बजे तक रहेगी. इसके बाद नवमी तिथि शुरू हो जाएगी.
इस वजह से 19 अक्टूबर को ही कन्या पूजन और नवरात्रि हवन किया जाएगा. इस दिन मां महागौरी और मां सिद्धिदात्री की पूजा भी होगी.
धृति योग देर रात 12:35 बजे तक रहेगा. सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग 19 अक्टूबर को दोपहर 3:38 बजे से 20 अक्टूबर की सुबह 6:25 बजे तक रहेंगे. उत्तराषाढ़ा नक्षत्र दोपहर 3:38 बजे तक रहेगा.
ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:43 बजे से 5:34 बजे तक और अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:43 बजे से दोपहर 12:29 बजे तक रहेगा.
नवरात्रि का पारण, दुर्गा विसर्जन और दशहरा
नवरात्रि के नौ दिनों का व्रत रखने वाले श्रद्धालु 20 अक्टूबर, मंगलवार को व्रत का पारण करेंगे. इसी दिन दशहरा भी मनाया जाएगा.
इस दिन शूल योग देर रात 12:50 बजे तक रहेगा, जबकि रवि योग पूरे दिन रहेगा. श्रवण नक्षत्र शाम 6:02 बजे तक रहेगा.
दुर्गा विसर्जन का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:14 बजे से 3:30 बजे तक है. वहीं, दशहरे पर शस्त्र पूजा का मुहूर्त दोपहर 1:59 बजे से 2:45 बजे तक रहेगा.
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