Shravasti News: कब बुझेगी प्यास! सिर पर आग बरसाती धूप, सूखते चेहरे, पीने के पानी की तलाश में भटकते लोगों… – Newstrack

Shravasti News: जेठ का महीना गर्मी के हिसाब से सबसे ज्यादा कष्टकारी होता है। इस महीने में जीव, जंतु, मानव सभी को ज्यादा से ज्यादा पानी की जरूरत रहती है। आजकल सूर्य के रौद्र रूप से धरती में मौजूद पानी का वाष्पीकरण सबसे तेज हो जाता है जिसके कारण से मनुष्य के लिए स्वच्छ पानी अति आवश्यक हो जाता है।
वृहस्पतिवार का दिन जेठ महीने में तराई में काफी ज्यादा कष्टकारी रहा है। वृहस्पतिवार को दोपहर गर्मी का स्थिति यह थी की पारा 44 डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है । ब्लाक मुख्यालय व पास ही स्थित सीएचसी गिलौला में दूर दराज से इलाज और फरियाद लेकर पहुंचे जरूरत मंदों के सिर पर आग बरसाती धूप, सूखते चेहरे, पीने के पानी की तलाश में भटकते उनकी पीढ़ा बयां कर रही थी। क्या प्रशासन को गर्मी से किसी हादसे का इंतजार है।
बता दें कि गिलौला में ढेड़ दशक से पानी की टंकी तो खड़ी है पर पानी कब आएगा, यह एक यक्ष प्रश्न बना खड़ा है। इलाज और फरियाद को आए महिला, बुढ़े, बच्चों ग्रामीणों के चेहरे की लालमी व आह अनायास बयां कर रहे थे कि योगी जी अब आप ही बताओ की गिलौला में हम सबको स्वच्छ पानी कब मिलेगा।
उल्लेखनीय है कि श्रावस्ती में बौद्ध परिपथ पर स्थित गिलौला बाजार को ब्लाक मुख्यालय का दर्जा मिला हुआ है लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव आज भी बना हुआ है। यहां तक की यहां पीने के लिए 15 हजार की आबादी को शुद्ध पानी नहीं मिल पा रहा है। आलम यह है कि यहां दर्जनों सरकारी हैंड पंप अब भी खराब पड़े हैं। जो हैंडपंप चल रहे हैं वह शुद्ध जल नहीं दे पा रहे हैं।
बता दें कि गिलौला बाजार के बाजार पशु अस्पताल के पीछे पानी टंकी का निर्माण तत्कालीन सपा सरकार में श्रावस्ती के पूर्व मोहम्मद हाजी रमजान ने दो सितंबर 2012 को लोकार्पण किया था। लेकिन बाजार तक पानी की सप्लाई के लिए पाइप लाइन नहीं बिछाई गई। काफी समय बाद पाइप डाला भी गया लेकिन सप्लाई अब तक शुरू नहीं हो सकी है। साथ ही बहराइच -बलरामपुर बौद्ध परिपथ निर्माण के समय कई स्थानों पर पाइप लाइन टूट चुकी है। करीब 12 साल बाद भी न तो पाइप डाला गया और न ही पानी की सप्लाई शुरू हो सकी। गिलौला निवासी मनोज तिवारी, संदीप कुमार गुप्ता, विनोद कुमार पांडेय,विजय कुमार,राम गोपाल , अशोक श्रीवास्तव,संदीप विश्वकर्मा,अलोक श्रीवास्तव, इंद्रजीत विश्वकर्मा,पंकज श्रीवास्तव, राकेश गुप्ता, आशीष गुप्ता,विजय मौर्या,शिव कुमार जयसवाल , पप्पू जयसवाल, दिनेश तिवारी , विजय कुमार आदि का कहना है कि आज कल गर्मी में काफी भीड़ रहती है। पानी के लिए लोगों को भटकना पड़ता है। स्थानीय लोग छोटे नलों का पानी पीने को विवश है। 15 साल पहले पानी टंकी बनी थी जो चालू हालत में है।
लेकिन बाजार तक पाइप ही नहीं है तो पानी पहुंचे कैसे। अब यह योगी मोदी जी ही बताएं। बताया कि इसके लिए कई बार मांग भी की जा चुकी है लेकिन अब तक पानी बाजार तक नहीं पहुंच सका। बताया कि चुनाव के दौरान सभी दलों के तमाम लोक लुभावन वादे नेता करते हैं परन्तु चुनाव समाप्त होने के बाद सब बहाने करते हैं। ऐसी स्थिति में यहां की पानी टंकी सफेद हाथी साबित हो रही है। एक दशक पूरा हो जाने के बाद भी लोगों के घरों तक टंकी का पानी नहीं पहुंच रहा है। हालांकि वर्तमान में पानी टंकी का बाउंड्री वॉल बनवाया गया है और आपस में पैसे का बंदरबांट जिम्मेदार लोग कार्य के नाम पर करते रहते हैं, जबकि गिलौला को विधानसभा सत्र के दौरान नगर पंचायत बनाने की मांग कागजों पर चल रहा है बावजूद गिलौला मूलभूत सुविधाओं और पीने के पानी का दंश झेल रहा है।सुविधा न होने से ग्रामीण मायूस हैं।
हालांकि एक सप्ताह पूर्व डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने कलेक्ट्रेट सभागार में “जल जीवन मिशन” (हर घर नल से जल योजना) की समीक्षा बैठक की थी। बैठक में ‘हर घर जल योजना’ के माध्यम से आमजन को पेयजल सुविधा मुहैया कराने के लिए किये जा रहे कार्यों की विधिवत जानकारी भी ली थी और बढ़ती गर्मी को देखते हुए मैनपावर बढ़ाते हुए समस्त कम्पोनेन्ट पर एक साथ में कार्य कराकर अपेक्षित प्रगति, तथा रोड पुनर्स्थापन के कार्य को प्राथमिकता पर पूर्ण कराते हुए माह अगस्त तक जनपद के समस्त परियोजनाओं के उच्च जलाशय के माध्यम से जलापूर्ति करने तथा शत-प्रतिशत परियोजनाओं के “हर घर जल” कराकर सम्बन्धित ग्राम पंचायत को हस्तगत की कार्यवाही का निर्देश दिया था।
बैठक का संचालन अधिशासी अभियन्ता जल निगम ने किया।लेकिन लोग सवाल यह उठ रहा है कि 15 वर्ष पूर्व गिलौला में स्थापित पानी टंकी से गिलौला वासियों को शुद्ध जल नहीं मिल सका। तो हर घर नल से जल योजना कागजों तक न रह जाए ।
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