Siwan News महुआरी के प्राचीन शिव मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने पर मनोकामना पूर्ण होने की मान्यता – Hindustan

Siwan News महाराजगंज, एक प्रतिनिधि। प्रखंड के महुआरी गांव स्थित प्राचीन शिव मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा-अर्चना और जलाभिषेक करने से भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ जाती है। महुआरी, विशुनपुर, बेलदारी टोला, गौतम टोला समेत आसपास के पांच गांवों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। पूरे सावन माह मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहता है।

करीब 100 वर्ष पुराना है मंदिर ग्रामीणों के अनुसार, महुआरी का शिव मंदिर करीब 100 वर्ष पुराना है। शुरुआती दौर में खपरैलनुमा मंदिर में छोटा शिवलिंग स्थापित था। वर्ष 1975 में तत्कालीन पुजारी केशव पांडेय ने ग्रामीणों के सहयोग से चंदा जुटाकर सुरखी से मंदिर का निर्माण कराया। इसके बाद सुरेश पांडेय ने मंदिर का जीर्णोद्धार कराया। वर्तमान में पुजारी ब्रजमोहन पांडेय उर्फ कंटर बाबा ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर के भव्य निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं।

सावन में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़ सावन में सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाता है। भक्त भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना करते हैं। महुआरी समेत आसपास के पांच गांवों के लोग नियमित रूप से मंदिर में पहुंचते हैं। सावन के दौरान विशेष पूजा-अर्चना के आयोजन से मंदिर परिसर का माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहता है।

12 कट्ठा में फैला है मंदिर परिसर मंदिर परिसर करीब 12 कट्ठा में फैला हुआ है। यहां भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश, लक्ष्मी और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित हैं। मंदिर के पीछे करीब 15 कट्ठा में फैला पोखरा परिसर की सुंदरता में चार चांद लगाता है। धार्मिक आस्था के साथ प्राकृतिक वातावरण का संगम श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है।

ऐसे पहुंच सकते हैं मंदिर महुआरी स्थित शिव मंदिर महाराजगंज मुख्यालय से दक्षिण दिशा में करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। बसंतपुर से उत्तर दिशा में करीब 18 किलोमीटर, आकाशी मोड़ से पूर्व दिशा में करीब तीन किलोमीटर तथा पटेढ़ी से पश्चिम दिशा में करीब तीन किलोमीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु मंदिर पहुंच सकते हैं।

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