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PM Modi US Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 12 फरवरी को अमेरिका की यात्रा पर जाने वाले हैं। PM मोदी की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीतियां पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बनी हुईं हैं। चीन और अमेरिका के बीच ट्रेड वॉर शुरू हो गई है। जबकि कनाडा और मेक्सिको को लेकर डोनाल्ड ट्रंप फिलहाल कुछ नरम पड़े हैं। हालांकि, उनकी नरमी कब तक कायम रहेगी, कहना मुश्किल है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ भी टैरिफ लगाने की बातें करते रहे हैं। ऐसे में PM मोदी की विजिट में इस मुद्दे पर बातचीत हो सकती है। इस यात्रा से पहले भारत ने डोनाल्ड ट्रंप की नाराजगी को शांत करने के लिए कुछ कदम उठाए हैं। वित्त मंत्री ने आम बजट में कुछ उत्पादों पर औसत आयात शुल्क को 13% से घटाकर 11% कर दिया है। इसके अलावा, भारत लग्जरी कारों, सोलर सेल और रसायनों सहित 30 से अधिक वस्तुओं पर आयात शुल्क की समीक्षा करने की योजना बना रहा है, जिससे वैश्विक व्यापार तनाव बढ़ने के कारण संभवतः अमेरिका से आयात में वृद्धि हो सकती है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस तरह के कदम अमेरिका के साथ टैरिफ के मुद्दे पर मोलभाव में कारगर हो सकते हैं। भारत डोनाल्ड ट्रंप को यह बता सकता है कि उसने अमेरिकी आयात को बढ़ावा देने के लिए क्या कदम उठाए हैं और क्या उठाने जा रहा है। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में बताया कि भारी उद्योगों और नवीकरणीय ऊर्जा की देखरेख करने वाले विभागों सहित विभिन्न भारतीय सरकारी विभाग जल्द ही एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट सेस (AIDC) को कम करने के लिए स्थानीय इंडस्ट्री से परामर्श करेंगे। एआईडीसी एक वैकल्पिक आयात शुल्क है, जिसे सरकार द्वारा भविष्य के लिए धन जुटाने के लिए एकत्र किया जाता है।
अग्रवाल ने कहा कि उद्योग से परामर्श के बाद मंत्रालय संभावित टैरिफ कटौती के लिए सूची से वस्तुओं का चयन करेगा। इस सूची में लग्जरी कारें, सोलर सेल, नौकाएं, स्पोर्ट्स वेसल्स, सेमीकंडक्टर बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण और अन्य मशीनरी जैसी 32 वस्तुएं शामिल हैं, जिनमें से सभी पर सरकार ने बेसिक कस्टम ड्यूटी कम करने के बाद आयात पर 6.5% से 70% के बीच AIDC टैरिफ लगाया है। उन्होंने स्वीकार किया कि AIDC सहित भारत का औसत आयात शुल्क अमेरिका, चीन और जापान जैसे प्रमुख व्यापारिक भागीदारों की तुलना में बहुत अधिक है।
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संजय अग्रवाल ने कहा कि हम एकदम से बड़ा कदम नहीं उठा सकते। हमें छोटे-छोटे कदम उठाने होंगे। उन्होंने भारत की रणनीति का हवाला देते हुए कहा कि हम अस्थायी रूप से घरेलू उद्योगों की रक्षा करने और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए टैरिफ को धीरे-धीरे कम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि अमेरिका से भारत आने वाले टॉप 30 आयातित आइटम्स, जैसे ऑयल प्रोडक्ट्स और हीरे, सभी कम टैरिफ वाली श्रेणी में आते हैं।
डोनाल्ड ट्रंप भारत से व्यापार असंतुलन को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व में कहा था कि भारत अमेरिकी उत्पादों पर बहुत ज्यादा टैरिफ लगाता है, इसलिए हम भी वैसा ही करेंगे। इससे बचने के लिए भारत ने अपने स्तर पर काफी तैयारी कर ली है। अब वह इस स्थिति में है कि ट्रंप की नाराजगी को दूर न सही, तो कम जरूर कर सकता है। जानकारों का मानना है कि PM मोदी भारत द्वारा उठाए गए कदमों का हवाला देकर डोनाल्ड ट्रंप को यह समझा सकते हैं कि अमेरिका उसकी प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर आता है।
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News24 हिंदी
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