TMC Crisis: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों तृणमूल कांग्रेस (TMC) को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हैं. पार्टी के कुछ नेताओं और विधायकों के असंतोष की खबरों के बीच एक टीवी डिबेट में टीएमसी के अंदरूनी हालात, कांग्रेस के साथ संभावित संबंधों और अभिषेक बनर्जी की भूमिका को लेकर जमकर बहस हुई. इस बहस में टीएमसी प्रवक्ता प्रकाश पुरोहित, बीजेपी प्रवक्ता निखिल प्रसून और हाल ही में टीएमसी से निलंबित किए गए नेता रिजू दत्ता शामिल हुए.
डिबेट के दौरान सबसे तीखा हमला रिजू दत्ता की ओर से देखने को मिला. उन्होंने दावा किया कि राजनीति में स्थायी दोस्ती या दुश्मनी जैसी कोई चीज नहीं होती. उन्होंने साफ कहा कि टीएमसी और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाएं बेहद कमजोर हैं. उनके मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का सम्मान आज भी सभी राजनीतिक दलों में है, लेकिन पार्टी के अंदर अभिषेक बनर्जी की कार्यशैली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है.
रिजू दत्ता ने आरोप लगाया कि पार्टी में कथित तौर पर ‘बॉस कल्चर’ विकसित हो गया है, जिसे कई नेता स्वीकार नहीं करना चाहते. उनका कहना था कि कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच संवाद कम हुआ है, जिससे असंतोष की स्थिति पैदा हो रही है. हालांकि, उन्होंने ये भी माना कि ममता बनर्जी की व्यक्तिगत लोकप्रियता अभी भी पार्टी की सबसे बड़ी ताकत है.
जब उनसे पूछा गया कि पार्टी छोड़ने वालों को अक्सर गद्दार कहा जाता है, तो उन्होंने इसका जवाब भी तीखे अंदाज में दिया. उन्होंने कहा कि अगर पार्टी बदलना गद्दारी है, तो पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी को भी कभी इसी श्रेणी में रखा गया था. रिजू दत्ता ने कहा कि राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार नेता फैसले लेते हैं और इसे केवल गद्दारी कहना उचित नहीं होगा.
वहीं, टीएमसी प्रवक्ता प्रकाश पुरोहित ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया. उन्होंने कहा कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और टूट की खबरें विपक्ष द्वारा फैलाया गया राजनीतिक प्रचार हैं. उनके अनुसार, तृणमूल कांग्रेस आज भी पश्चिम बंगाल की सबसे मजबूत राजनीतिक ताकत है और पार्टी के खिलाफ फैलाए जा रहे दावे वास्तविकता से दूर हैं.
बीजेपी प्रवक्ता निखिल प्रसून ने इस मौके पर टीएमसी नेतृत्व को घेरने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि पार्टी के अंदर असंतोष लगातार बढ़ रहा है और कई नेता खुलकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. उनके मुताबिक, टीएमसी के सामने सबसे बड़ी चुनौती अब विपक्ष नहीं बल्कि पार्टी के अंदर से उठ रही आवाजें हैं.
बहस के दौरान कांग्रेस और टीएमसी के संभावित संबंधों पर भी चर्चा हुई. कुछ राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच विपक्षी दलों के बीच संवाद बढ़ सकता है, लेकिन जमीनी स्तर पर दोनों दलों के बीच विश्वास की कमी अब भी बड़ी बाधा बनी हुई है.
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हल्द्वानी से दिल्ली के बड़े न्यूजरूम तक… तनुजा जोशी, उत्तराखंड के शांत और खूबसूरत शहर हल्द्वानी से ताल्लुक रखती हैं. देहरादून के ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी … और पढ़ें
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