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अगर आपने कभी ट्रेन में सफर किया है, तो टीटीई या टीसी को टिकट चेक करते जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आपने कभी सीटीआई (चीफ टिकट इंस्पेक्टर) का नाम सुना है? इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक घटना के बाद यह पद अचानक चर्चा में आ गया है. दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें ट्रेन के फर्स्ट एसी कपल कोच को बिल्कुल हनीमून सुइट की तरह सजाया गया था. डिब्बे के अंदर हार्ट शेप वाले बलून, फूलों के गुलदस्ते, रंग-बिरंगी सजावट की गई थी. इतना ही नहीं, सीटों और फर्श पर फूलों की पंखुड़ियां भी बिछाई गई थीं. वीडियो देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी होटल का हनीमून रूम हो, न कि भारतीय रेलवे का एसी फर्स्ट क्लास कोच.
ट्रेन के फर्स्ट एसी को फूलों, गुब्बारों और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाकर एक नए शादीशुदा जोड़े के लिए हनीमून सुइट जैसा बना दिया गया था. इस अनोखी सजावट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ. वीडियो सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी. रेलवे ने ड्यूटी पर मौजूद चीफ टिकट इंस्पेक्टर (सीटीआई) गिरीश कुमार को सस्पेंड कर दिया है. ट्रेन में सफर के दौरान टीसी और टीटीई को जरूर देखा होगा. लेकिन क्या आप जानते हैं, वायरल हो रहे हनीमून डेकोरेशन केस में सस्पेंड हुए सीटीआई का क्या काम होता है? चलिए जानते हैं.
आखिर सीटीआई कौन होता है?
अक्सर लोग टीसी और टीटीई के बारे में जानते हैं, लेकिन सीटीआई (चीफ टिकट इंस्पेक्टर) का काम इन दोनों से अलग और ज्यादा जिम्मेदारी वाला होता है. टीसी (टिकट कलेक्टर) आमतौर पर स्टेशन पर टिकट चेक करने का काम करता है. वहीं टीटीई (ट्रैवलिंग टिकट एग्जामिनर) ट्रेन के अंदर यात्रियों के टिकट चेक करता है, सीट अलॉट करता है और बिना टिकट यात्रा करने वालों पर कार्रवाई करता है.
लेकिन सीटीआई (चीफ टिकट इंस्पेक्टर) इन कर्मचारियों का वरिष्ठ अधिकारी होता है. वह टिकट चेकिंग व्यवस्था की निगरानी करता है, टीटीई की ड्यूटी, अनुशासन और कामकाज पर नजर रखता है. अगर किसी ट्रेन में टिकट चेकिंग, वीआईपी यात्रा, विशेष व्यवस्था या कर्मचारियों से जुड़ा कोई मामला होता है, तो उसकी जिम्मेदारी भी सीटीआई तक पहुंच सकती है. यानी टीटीई जहां ट्रेन में टिकट चेक करता है, वहीं सीटीआई यह सुनिश्चित करता है कि पूरी टिकट चेकिंग व्यवस्था सही तरीके से चल रही है और रेलवे के नियमों का पालन हो रहा है.
इस मामले में सीटीआई पर कार्रवाई क्यों हुई?
रेलवे का मानना है कि बिना अनुमति किसी बाहरी व्यक्ति का फर्स्ट एसी कोच में जाकर सजावट करना गंभीर लापरवाही है. क्योंकि एसी फर्स्ट क्लास सबसे सुरक्षित श्रेणियों में से एक मानी जाती है. ऐसे में किसी अनधिकृत व्यक्ति का वहां पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. इसी वजह से संबंधित सीटीआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, यह अंतिम फैसला नहीं है. विभागीय जांच पूरी होने के बाद ही तय होगा कि नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर हुआ और किसकी कितनी जिम्मेदारी बनती है.
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