तमिल फिल्म स्टार और TVK (तमिझग विदुथलाई काच्ची) पार्टी के प्रमुख विजय की करूर में शनिवार (27 सितंबर) को आयोजित एक रैली में भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि भगदड़ जैसी स्थिति बन गई. इस हादसे में अब तक 39 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोग घायल हैं. घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं. कई घायलों का इलाज 46 निजी अस्पतालों और कुछ का इलाज सरकारी अस्पतालों में चल रहा है.
तमिलनाडु सीएम ऑफिस की ओर से जानकारी दी गई कि मृतकों के परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा. इसके अलावा घायलों को भी उचित सहायता दी जाएगी.
सीएम एमके स्टालिन ने तुरंत आपात बैठक कर अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज करने के आदेश दिए. उन्होंने करूर में अधिक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ भेजने का निर्देश दिया. सलेम और नमक्कल से मेडिकल टीमें रवाना की गई हैं, जबकि त्रिची और सलेम से 40 से ज्यादा डॉक्टर पहले ही मौके पर पहुंच चुके हैं.
इस हादसे की जांच के लिए एक जांच आयोग का गठन किया गया है, जिसकी अध्यक्षता हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज अरुणा जगदीशन करेंगे. आयोग इस हादसे की असली वजह और लापरवाही की जांच करेगा.
वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि और मुख्यमंत्री एमके स्टालिन से फोन पर बात की और हालात की जानकारी ली. इसके साथ ही गृह मंत्रालय ने तमिलनाडु सरकार से हादसे की पूरी रिपोर्ट मांगी है.
रैली में हुई इस दुखद घटना पर विजय ने गहरा दुख जताया. उन्होंने कहा, “मेरा दिल टूट गया है. मैं बेहद दर्द और पीड़ा में हूं. यह शब्दों में बयान करना मुश्किल है कि मैं कैसा महसूस कर रहा हूँ. मैं मृतकों के परिवारों को अपनी संवेदना और सांत्वना देता हूँ. साथ ही, घायलों के जल्द ठीक होने की प्रार्थना करता हूं.”
इस हादसे ने न सिर्फ तमिलनाडु की राजनीति में हलचल मचा दी है, बल्कि पूरे राज्य में लोगों को झकझोर कर रख दिया है. विपक्षी दलों ने भीड़ प्रबंधन को लेकर सरकार और आयोजकों पर सवाल उठाए हैं.
करूर भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए एक्टर विजय ने मुआवजा देने का ऐलान किया है. एक्टर विजय ने कहा कि पीड़ित परिवारों को वह 20-20 लाख रुपये की आर्थिक मदद करेंगे. सीएम स्टालिन ने 10-10 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया था, जबकि घायलों को एक-एक लाख रुपये देने को कहा था.
तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा, ‘यह बहुत बड़ी क्षति है और इसकी भरपाई नहीं की जा सकती. हमने स्वास्थ्य विभाग को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि भगदड़ के कारण और कोई मौत न हो. इस तरह की घटना के बाद, यह फिर न हो, और इसके लिए यह सरकार पूरी कार्रवाई करेगी. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि भगदड़ की घटना की जाँच के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अरुणा जगदीशन की अध्यक्षता में एक एकल-व्यक्ति आयोग का गठन किया जाए. अरुणा जगदीशन के आज करूर पहुंचने की उम्मीद है. हमारे मुख्यमंत्री जाँच आयोग की रिपोर्ट के अनुसार कानूनी कार्रवाई करेंगे.’
Source: IOCL
We use cookies to improve your experience, analyze traffic, and personalize content. By clicking “Allow All Cookies”, you agree to our use of cookies.