UP: उधार के पैसे मांगने पर की थी हत्या, मां समेत तीन बेटों को फांसी, 7 साल बाद आया फैसला – AajTak

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद से एक अहम न्यायिक फैसला सामने आया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सात साल पुराने हत्या के मामले में मंगलवार को सुनवाई पूरी करते हुए मां और उसके तीन बेटों को मौत की सजा सुनाई है. इस फैसले के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है. यह मामला 17 जून 2019 का है, जब भौराकला थाना क्षेत्र के एक गांव में शेखर नाम के युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. बताया गया कि शेखर ने आरोपी प्रदीप को कुछ पैसे उधार दिए थे। जब वह अपने पैसे वापस मांगने गया, तो इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया.
विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि गाली-गलौज के बाद मारपीट शुरू हो गई. आरोप है कि प्रदीप, संदीप, सोनू और उनकी मां मुकेश ने मिलकर शेखर को पकड़ लिया और लाठी, डंडे और ईंट से उस पर हमला कर दिया. हमले के दौरान शेखर के सिर में गंभीर चोटें आईं और मौके पर ही उसकी मौत हो गई. घटना के बाद मृतक के परिवार ने भौराकला थाने में मामला दर्ज कराया था. इसमें प्रदीप, संदीप, सोनू, उनकी मां मुकेश और पिता राजकुमार के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.
लाठी-डंडों और ईंट से पीटकर की गई थी युवक की हत्या
इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में चल रही थी. सात साल तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया. कोर्ट ने प्रदीप, संदीप, सोनू और उनकी मां मुकेश को दोषी मानते हुए मृत्युदंड की सजा सुनाई है. साथ ही प्रत्येक पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. इस मामले में एक और आरोपी, जो कि इनका पिता राजकुमार था, उसकी पहले ही जेल में बंद रहने के दौरान मौत हो चुकी है. इस कारण कोर्ट का फैसला चार आरोपियों पर ही आया.
एडीजीसी कुलदीप कुमार ने इस मामले की जानकारी देते हुए बताया कि घटना 17 जून 2019 की है. उन्होंने बताया कि प्रदीप ने शेखर से पैसे उधार लिए थे और जब शेखर पैसे मांगने गया तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई. इसके बाद आरोपियों ने मिलकर उसकी हत्या कर दी. उन्होंने बताया कि अभियोजन पक्ष ने इस मामले में मजबूत पैरवी की. मृतक के भाई राहुल कुमार ने अदालत में पूरी घटना को स्पष्ट रूप से बताया, जिससे मामले को साबित करने में मदद मिली. इसी आधार पर कोर्ट ने यह सख्त फैसला सुनाया.
मां समेत तीन बेटों को फांसी, प्रत्येक पर 50 हजार का जुर्माना
एडीजीसी ने यह भी बताया कि इस मामले में कुल पांच आरोपी थे, जिनमें से एक की मौत पहले ही हो चुकी है. बाकी चार आरोपियों को अदालत ने दोषी करार देते हुए मृत्युदंड की सजा दी है और उन पर जुर्माना भी लगाया गया है. इस फैसले को न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है. सात साल बाद आए इस निर्णय ने यह स्पष्ट किया है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सख्त सजा दी जाती है. फिलहाल इस फैसले के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है और लोग इसे एक बड़ा न्यायिक फैसला मान रहे हैं.
 
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