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उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के गिरवां थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में बांदा कोर्ट ने आरोपी कल्लू राजपूत को दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है. इस केस में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने महिला अपराधों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए यह फैसला सुनाया है.
मामला गिरवां थाना क्षेत्र के एक गांव का है. यहां के रहने वाले पीड़िता के पिता ने 15 जनवरी 2021 को पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि गांव का ही एक व्यक्ति ने उसकी 7 वर्षीय बेटी को टॉफी और चॉकलेट दिलाने के नाम पर बहला फुसलाकर सुनसान जगह पर ले गया. जहां उसने दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया. इसके बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की.
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इसके बाद 14 मार्च 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया. इस दौरान 7 गवाह पेश किए गए. तमाम साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों का अवलोकन करने के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट ने 4 साल बाद आज (6 जनवरी) आरोपी कल्लू राजपूत को दोषी करार देते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई. साथ ही 25 हजार का जुर्माना भी लगाया. अभियोजन अधिकारी सुनील कुमार ने मामले की पुष्टि की है.
एसपी अंकुर अग्रवाल ने बताया कि गिरवां थाना क्षेत्र में 7 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म का मामला आया था. जिसमें प्रभावी पैरवी के चलते न्यायालय ने आरोपी को 20 वर्ष की कठोर सजा सुनाई है. साथ ही 25 हजार का अर्थदंड भी लगाया है. ऑपरेशन सजा के तहत महिला अपराधों में पैरवी कर कठोरतम सजा दिलाने के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं. महिलाओं के साथ अपराध करने वाले आरोपियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा.
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