अमेरिका में शटडाउन की आहट के बीच हाउस फ्लोर के बाहर डेमोक्रेटिक सांसद मैडेलीन डीन और स्पीकर माइक जॉनसन के बीच तीखी नोकझोंक हुई. डीन ने रिपब्लिकन नेतृत्व पर न सिर्फ फंडिंग स्टैंडऑफ के लिए जिम्मेदार ठहराया बल्कि ट्रंप द्वारा शेयर किए गए एक रेसिस्ट, AI-जनरेटेड वीडियो पर भी सवाल उठाए. वीडियो में डेमोक्रेटिक लीडर हकीम जेफ़्रीज को सोम्ब्रेरो और मूंछ के साथ दिखाया गया, जबकि चक शूमर की नकली आवाज़ में अवैध प्रवासियों को मुफ्त हेल्थकेयर देने की बात कही गई थी. पृष्ठभूमि में मरीआची म्यूजिक चल रहा था. जब डीन ने जॉनसन से पूछा कि उन्होंने इस वीडियो पर आपत्ति क्यों नहीं जताई तो स्पीकर ने कहा, “It wasn’t my style.” इस पर डीन ने तीखी प्रतिक्रिया दी – “Not your style? It’s disgraceful. It’s racist. You should call it out.”
अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन के बीच फेडरल कर्मचारियों की यूनियनों ने ट्रंप प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. यूनियनों ने उस मेमो को चुनौती दी है जिसमें शटडाउन को आधार बनाकर बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की बात कही गई थी. अमेरिकन फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट एंप्लॉइज (AFGE) और AFL-CIO सहित कई यूनियनों ने सैन फ्रांसिस्को की संघीय अदालत में याचिका दाखिल की है. उनका कहना है कि व्हाइट हाउस के बजट ऑफिस द्वारा जारी मेमो मौजूदा संघीय कानून के खिलाफ है. यूनियनों के वकीलों ने दलील दी कि शटडाउन के दौरान कर्मचारियों की जबरन छंटनी (Reduction in Force) की अनुमति कानून में नहीं है. यूनियनों ने कोर्ट से इस मेमो और उससे जुड़े सभी कदमों को रद्द करने की मांग की है.
अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन के बीच फ्लोरिडा के रिपब्लिकन सांसद माइक हारिडोपोलोस ने विवादित बयान दिया है. उनका कहना है कि फर्लो पर भेजे गए फेडरल कर्मचारियों को शटडाउन के बावजूद काम करते रहना चाहिए. उन्होंने ‘सीएनएन दिस मॉर्निंग’ पर कहा, ‘मेरा मानना है कि अगर आप फेडरल वर्कर हैं तो आपको काम पर आना चाहिए, यह जानते हुए कि सरकार जैसे ही फिर से खुलेगी, आपको भुगतान मिल जाएगा.’ हारिडोपोलोस ने आगे कहा, ‘यह पब्लिक सेक्टर का गिव एंड टेक है. फेडरल कर्मचारियों को प्राइवेट सेक्टर के मुकाबले बहुत अच्छे बेनिफिट्स मिलते हैं. इसलिए उन्हें समझना चाहिए कि ऐसे राजनीतिक हालात में उनका भुगतान बाद में भी हो जाएगा.’ सांसद ने कहा कि कर्मचारियों को अमेरिकी जनता के लिए काम जारी रखना चाहिए. हालांकि, आलोचक इस बयान पर सवाल उठा रहे हैं क्योंकि शटडाउन के दौरान खुद कांग्रेस सदस्यों का वेतन बंद नहीं होता.
अमेरिका में जारी सरकारी शटडाउन का सीधा असर शिक्षा विभाग की सिविल राइट्स शाखा पर पड़ा है. विभाग ने साफ कर दिया है कि शटडाउन के दौरान स्कूलों और यूनिवर्सिटीज़ में भेदभाव से जुड़े मामलों की जांच रोक दी जाएगी. मार्च में हुई बड़े पैमाने पर छंटनी के बाद से ही यह शाखा आधी क्षमता पर काम कर रही थी. सिविल राइट्स ब्रांच ने करीब आधा स्टाफ खो दिया है, जिससे पहले से लंबित मामलों के निपटारे को लेकर सवाल उठने लगे थे. विभाग के अपने आंकड़े बताते हैं कि पिछले महीनों में केस निपटाने की दर घटी है, जबकि छात्रों और परिवारों से नई शिकायतें लगातार बढ़ी हैं. अब शटडाउन की वजह से लंबित सभी केस पूरी तरह अटक गए हैं.
अमेरिका में 2018 में हुआ 35 दिन का आंशिक सरकारी शटडाउन बेहद महंगा साबित हुआ था. जनवरी 2019 में जारी कांग्रेसनल बजट ऑफिस (CBO) की रिपोर्ट के अनुसार, इस शटडाउन से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को लगभग 11 अरब डॉलर का नुकसान हुआ. CBO ने बताया कि इस संकट ने देश की वार्षिक आर्थिक वृद्धि दर में 0.2% की कटौती कर दी. इसकी सबसे बड़ी वजह थी करीब 8 लाख संघीय कर्मचारियों का वेतन रुक जाना और सरकारी खर्चों में देरी होना. सरकारी सेवाओं पर रोक लगने से न केवल सरकारी मशीनरी ठप हुई बल्कि कई राज्यों में आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं. यह अब तक का सबसे लंबा शटडाउन था, जिसने अमेरिका की अर्थव्यवस्था को गहरा झटका दिया.
अमेरिका में सरकारी शटडाउन का सबसे बड़ा असर शिक्षा विभाग (Education Department) पर पड़ रहा है, जो पहले ही ट्रंप प्रशासन की कटौतियों से कमजोर हो चुका था. विभाग ने कहा है कि उसकी कुछ अहम सेवाएं जारी रहेंगी. इसमें फेडरल फाइनेंशियल एड और स्टूडेंट लोन पेमेंट शामिल हैं. लेकिन नई फेडरल ग्रांट्स रोक दी जाएंगी और सिविल राइट्स शिकायतों की जांच भी ठप हो जाएगी. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, विभाग की 87% वर्कफोर्स को फर्लो पर भेजा जा रहा है. यानी 4,100 कर्मचारियों से घटकर अब लगभग 2,500 ही रह गए हैं. डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से शिक्षा विभाग को खत्म करने की बात करते आए हैं. उनका आरोप है कि यह विभाग ‘लिबरल थिंकिंग’ से भर गया है. इस साल सुप्रीम कोर्ट ने बड़े पैमाने पर छंटनी को मंजूरी भी दी, जिससे स्टाफ आधा हो गया. शिक्षा मंत्री लिंडा मैकमैहन ने पहले ही चेतावनी दी थी कि कटौतियों ने विभाग को ‘बहुत दुबला-पतला’ कर दिया है और कई बार ‘फैट की जगह मसल्स कट गए’. शटडाउन के चलते अब हालात और बिगड़ते दिख रहे हैं.
अमेरिका में सरकारी शटडाउन के दौरान, होमलैंड सिक्योरिटी जैसे कुछ विभागों के अधिकांश कर्मचारी काम पर हाजिर रहेंगे, यानी उन्हें सामान्य रूप से काम करना होगा. इसके विपरीत, कई अन्य विभाग अपने कर्मचारियों को बिना वेतन छुट्टी पर भेज रहे हैं, जिससे वे काम पर नहीं आएंगे. इनमें सबसे बड़े पांच विभाग हैं.
यह व्यवस्था उन कर्मचारियों के लिए है जिन्हें काम के लिए ‘जरूरी’ या ‘अनिवार्य’ नहीं माना जाता, जबकि सुरक्षा और जीवन रक्षा से जुड़े कर्मचारी काम पर बने रहेंगे. लगभग 7.5 लाख कर्मचारियों के फर्लough होने की संभावना है, जबकि जरूरी कामकाज जारी रहने वाले कर्मचारियों की संख्या इससे अधिक है.
अमेरिकी शटडाउन का भारत में अमेरिकी दूतावास के X अकाउंट पर प्रभाव पड़ा है. आवंटन में रुकावट के कारण अमेरिकी दूतावास का X अकाउंट का नियमित संचालन बंद कर दिया गया है. अमेरिका में शटडाउन खत्म होने के बाद नियमित रूप से X अकाउंट अपडेट होगा. दूतावास ने बताया है कि शटडाउन खत्म होने तक केवल अत्यावश्यक सुरक्षा और संरक्षा संबंधी जानकारी ही साझा की जाएगी. नियमित अपडेट और सेवाएं तब तक बाधित रहेंगी जब तक शटडाउन खत्म नहीं हो जाता. हालांकि, पासपोर्ट और वीज़ा सेवाएं स्थिति के अनुरूप जारी रहेंगी. अधिक जानकारी के लिए अमेरिकी दूतावास ने अपने सेवाओं और संचालन की स्थिति के लिंक भी शेयर किया है. यह कदम शटडाउन के अमेरिकी सरकारी कामकाज ठप होने के सीधा असर को दर्शाता है.
At this time, scheduled passport and visa services in the United States and at U.S. Embassies and Consulates overseas will continue during the lapse in appropriations as the situation permits. We will not update this account until full operations resume, with the exception of…
— U.S. Embassy India (@USAndIndia) October 1, 2025
अमेरिका शटडाउन लाइव: अमेरिका में हालिया सरकारी शटडाउन को लेकर डेमोक्रेटिक नेता गुरुवार सुबह से ही सक्रिय हो गए हैं और उन्होंने इसे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रिपब्लिकन पार्टी की गलती बताया है. पूर्व उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने स्पष्ट कहा कि रिपब्लिकन के पास व्हाइट हाउस, हाउस और सीनेट की जिम्मेदारी है, इसलिए यह शटडाउन उनकी है. सीनेट Appropriations Committee की उपाध्यक्ष पैटी मरे ने भी कहा कि सरकार बंद होने का कारण रिपब्लिकन का डेमोक्रेट्स से बातचीत से इनकार करना है. न्यूयॉर्क की सासंद कर्स्टन गिलिब्रैंड और टेक्सास की रिप्रेजेंटेटिव जैस्मिन क्रोकेट ने भी रिपब्लिकन नेताओं को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने शासन के सभी साधन होने पर भी अराजकता को चुना.
President Trump and Congressional Republicans just shut down the government because they refused to stop your health care costs from rising.
Let me be clear: Republicans are in charge of the White House, House, and Senate. This is their shutdown.
— Kamala Harris (@KamalaHarris) October 1, 2025
US Government Shutdown LIVE: अमेरिका में सरकारी शटडाउन की घटनाएं पहले से बढ़ती हुई रही हैं, खासकर डोनाल्ड ट्रंप के प्रथम कार्यकाल के दौरान दो बार हुईं, जिनमें से एक 35 दिन तक चली, जो अमेरिकी इतिहास में सबसे लंबी शटडाउन है. इससे पहले, बिल क्लिंटन ने 1995 में अपने पहले कार्यकाल के अंत में 21 दिनों की शटडाउन का रिकॉर्ड बनाया था, जब रिपब्लिकन कांग्रेस पर कंट्रोल कर रहे थे और मेडिकेयर खर्चों को सीमित करने वाले बजट को पास करना चाहते थे. इसी तरह, बराक ओबामा को 2013 में अपने स्वास्थ्य देखभाल कानून के खिलाफ 16-दिन की शटडाउन का सामना करना पड़ा. 1980 के दशक में, रिपब्लिकन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के कार्यकाल के दौरान आठ बार शटडाउन हुए, लेकिन वे अपेक्षाकृत छोटे थे, जिनमें सबसे लंबा केवल तीन दिन तक चला.
मध्यरात्रि के साथ ही अमेरिकी संघीय सरकार बंद हो गई क्योंकि कांग्रेस वित्तीय बजट पास नहीं कर सकी. दोनों पार्टियां एक-दूसरे पर दोषारोपण कर रही हैं. रिपब्लिकन चाहते हैं कि डेमोक्रेट सात हफ्ते के लिए मौजूदा बजट बढ़ाएं, जबकि डेमोक्रेट बिना बड़ी शर्तों के मंजूरी नहीं देंगे. अब सीनेट फिर से मतदान करेगा और यह सिलसिला तब तक चलेगा जब तक कोई समझौता नहीं होता. इस बीच, कई सरकारी कर्मचारी छंटनी के डर में हैं, जरूरी कर्मचारियों को काम पर आना होगा लेकिन वेतन मिलना मुश्किल हो सकता है. कुछ विभागें वहीं काम करेंगी जिनका बजट पहले से सुरक्षित है.
अमेरिका में शटडाउन लाइव अपडेट: अमेरिका में शटडाउन के साथ ही व्हाइट हाउस ने अपनी वेबसाइट पर शटडाउन का टाइमर लगा दिया है. अब वहां लिखा आ रहा है- ‘डेमोक्रेट्स ने सरकार बंद करवाई.’ यानी वह सीधे विपक्षपर हमला कर रहे हैं. दोनों पार्टियां एक-दूसरे को जिम्मेदार बता रही हैं. रिपब्लिकन के पास संसद का नियंत्रण तो है, लेकिन सीनेट में बजट पास करवाने के लिए जरूरी वोट नहीं मिल रहे. इसी खींचतान में आम लोग उलझ गए हैं.
अमेरिका में शटडाउन लागू होते ही रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं. डेमोक्रेट्स का कहना है कि चूंकि रिपब्लिकन पार्टी व्हाइट हाउस, सीनेट और हाउस पर काबू रखती है, इसलिए यही जिम्मेदार है. वहीं रिपब्लिकन सांसदों का कहना है कि डेमोक्रेट्स अवैध प्रवासियों को प्राथमिकता दे रहे हैं और इससे आम अमेरिकियों का नुकसान हो रहा है. दोनों तरफ बयानबाजी तेज है और आम लोगों की चिंता बढ़ गई है. अमेरिका में शटडाउन लागू होने के साथ ही रिपब्लिकन और डेमोक्रेट्स एक-दूसरे पर इसका ठीकरा फोड़ रहे हैं. डेमोक्रेट सांसदों का आरोप है कि रिपब्लिकन प्रशासन की नाकामी की वजह से आम परिवार परेशान हैं, जबकि रिपब्लिकन नेता कहते हैं कि डेमोक्रेट्स गैरकानूनी प्रवासियों को लेकर सरकार बंद करवा रहे हैं और देश के मेहनतकश लोगों का नुकसान कर रहे हैं.
US Shutdown Live News: शटडाउन का सबसे बड़ा असर सिविल राइट्स (नागरिक अधिकार) जांच पर पड़ा है. शिक्षा विभाग का यह विंग पहले से ही मार्च में हुई कटौतियों से आधा हो चुका था. अब बची हुई जांचें भी रुक गई हैं. इसका मतलब है कि छात्रों और परिवारों की ओर से दर्ज की गई जातीय, लैंगिक और विकलांगता भेदभाव से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई फिलहाल बंद हो जाएगी. पहले से पेंडिंग केसों का बैकलॉग और बढ़ेगा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लंबे समय से शिक्षा विभाग को खत्म करने की बात कर रहे हैं. उनका आरोप है कि यह विभाग ‘लिबरल सोच’ से भरा हुआ है. जब से वे सत्ता में आए हैं, विभाग का स्टाफ 4,100 से घटकर अब 2,500 रह गया है.
अमेरिका में लगभग 9.9 मिलियन (99 लाख) छात्र किसी न किसी रूप में फेडरल एड लेते हैं. यह रकम लगभग 5,400 कॉलेजों और यूनिवर्सिटीज तक पहुंचती है. शटडाउन के बावजूद पेल ग्रांट्स और फेडरल स्टूडेंट लोन मिलते रहेंगे और छात्रों को अपने लोन की किश्तें भरनी होंगी. साथ ही, FAFSA (Free Application for Federal Student Aid) की प्रोसेस भी जारी रहेगी. यानी कॉलेज एडमिशन में छात्रवृत्ति और सहायता की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी.
America Shutdown Live: अमेरिका में सरकारी शटडाउन लागू हो गया है. अमेरिका में रात 12 बजते ही यह लागू हुआ. इसा शिक्षा विभाग (US Education Department) पर सबसे बड़ा असर पड़ा है. पहले से ही ट्रंप प्रशासन की कटौतियों से कमजोर हो चुके इस विभाग में अब कामकाज और धीमा पड़ गया है. शिक्षा विभाग ने बताया है कि फेडरल स्टूडेंट एड और लोन तो चलते रहेंगे, लेकिन कई अहम काम पूरी तरह रुक जाएंगे. विभाग की 87% वर्कफोर्स यानी करीब 2,200 कर्मचारी को अनिवार्य छुट्टी (फरलो) पर भेज दिया गया है.