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Gulf War: US बोला- रोक रहे हैं सप्लाई, लेकिन ईरान का तेल पहुंच रहा दुनिया तक
US-Iran Live: ‘ईरान पर अमेरिकी की नाकाबंदी अब ग्लोबल…’
Israel-Hezbullah War: हिज्बुल्लाह के रॉकेट लॉन्चरों पर इजरायल का हमला
Iran-US Update: कंट्रोल हमारे हाथ में है- हेगसेथ
US-Iran Live: ईरानी प्रशासन के साथ संपर्क में हैं ट्रंप!
US-Iran Live: जंग खत्म करने पर ट्रंप का बड़ा बयान
Middle East War: यूएई से विदेश मंदी से लावरोव ने की बात
Iran-US Live Updates: अमेरिकी सेना की बड़ी कार्रवाई
US-Iran Live: अमेरिकी पत्रकार अहमद शिहाब-एल्दिन को कुवैत ने किया रिहा
अमेरिका ने रूस-ईरान तेल के लिए छूट को आगे बढ़ाने से किया इनकार
पाकिस्तानी नेताओं से मुलाकात करेंगे अराघची
ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत से इनकार किया, कहा- pak को सौंपेगे जवाब
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता फिर से शुरू होने के संकेत मिल रहे हैं. इसी क्रम में गुरुवार देर रात अराघची के नेतृत्व वाली ईरानी प्रतिनिधिमंडल इस्लामाबाद पहुंचा, जहां वो क्षेत्रीय घटनाक्रमों को लेकर पाकिस्तान के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक करेंगे. अमेरिकी अधिकारी ने बताया कि ईरान से बातचीत के लिए अमेरिका की तरफ से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और दामाद जेरेड कुशनर शनिवार को पाकिस्तान जाएंगे, जहां वह ईरान के विदेश मंत्री अराघची से बातचीत करेंगे.
दूसरी ओर सईद मोहम्मद मरांडी ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि ईरान के विदेश मंत्री इस्लामाबाद में ट्रंप सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं करेंगे और केवल युद्ध समाप्ति के संबंध में ईरान के विचारों और दृष्टिकोणों को पाकिस्तानी पक्ष से अवगत कराएंगे. उनकी ये यात्रा जनरल आसिम मुनीर की तेहरान यात्रा के जवाब में आयोजित की जा रही है.
इन बयानों के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली शांति वार्ता पर फिर से संकट के बादल मंडरा रहे हैं.
अमेरिका-ईरान और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव से जुड़ी जानकारी के लिए पेज पर बने रहें…
अमेरिका का कहना है कि ईरानी शिपिंग पर नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक खतरा खत्म नहीं होता. इन सब के बीच कई रिपोर्ट्स सामने आएं हैं जिसमें बताया गया है कि ईरान का तेल दुनिया तक पहुंच रहा है और इसमें उसे पाकिस्तान का साथ मिल रहा है. पूरी खबर को यहां क्लिक कर पढ़ें – अमेरिका की खुली पोल! नाकेबंदी के बीच ईरान यूं दे रहा है चकमा, इस ट्रिक से दुनिया तक पहुंचा रहा तेल
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा, ‘ईरान पर अमेरिकी की नाकाबंदी अब ग्लोबल होती जा रही है’. उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया के किसी भी हिस्से में जाने के लिए अब ईरान के जहाजों को अमेरिकी नौसेना की अनुमति लेनी होगी. हेगसेथ ने साफ किया कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से अब अमेरिका की मर्जी के बिना कोई भी जहाज नहीं गुजर सकेगा. वहीं, शांति वार्ता को लेकर हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका को समझौते की कोई जल्दबाजी नहीं है और उनके पास ‘दुनिया भर का समय’ है.
इजरायली सेना (IDF) ने बताया कि उसने बीती रात दक्षिणी लेबनान के तीन इलाकों में हिज्बुल्लाह के उन रॉकेट लॉन्चरों पर हमला किया, जो हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे. इजराइल का दावा है कि ये लॉन्चर उनके सैनिकों और नागरिकों के लिए सीधा खतरा थे. दूसरी ओर, हिज्बुल्लाह ने भी आज सुबह एक बयान जारी कर कहा है कि उसने इजरायली सेना को निशाना बनाया है. गौर करने वाली बात ये है कि समझौते के बाद से ही इजरायली सेना और हिज्बुल्लाह एक-दूसरे पर सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगा रहे हैं. इजरायल ने साफ कर दिया है कि वो अपनी सुरक्षा के लिए खतरों को हटाने का काम जारी रखेगा.
अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि ईरानी बंदरगाहों और समुद्री रास्तों पर अमेरिका की नाकाबंदी ‘अटल’ है और ये तब तक जारी रहेगी ‘जब तक जरूरी होगा’. यूएसए टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को पेंटागन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका तब तक अपना दबाव कम नहीं करेगा, जब तक ईरान अपनी परमाणु सामग्री को छोड़ नहीं देता. उन्होंने कहा, ‘कंट्रोल हमारे हाथ में है. न कुछ अंदर जा सकता है और न ही बाहर.’
ट्रंप बिना किसी का नाम लिए बताया है कि वो ईरान में “अभी सत्ता संभाल रहे लोगों” के संपर्क में हैं. उन्होंने साफ कर दिया है कि जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, अमेरिकी सेना ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखेगी. नाकाबंदी हटाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वो पहले ईरान के प्रस्ताव को परखना चाहते हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान एक ऐसा प्रस्ताव देने की तैयारी कर रहा है जो अमेरिका की मांगों को पूरा कर सके. रॉयटर्स को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि उन्हें अभी इस प्रस्ताव की पूरी जानकारी नहीं है, लेकिन वो इसे देखने के बाद ही कोई फैसला लेंगे.ट्रंप इस बात पर अड़े हैं कि किसी भी समझौते के लिए ईरान को अपना समृद्ध यूरेनियम छोड़ना होगा और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज जलडमरूमध्य से तेल के व्यापार को बिना किसी बाधा के चलने देना होगा.
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद ने मिडल ईस्ट संकट को हल करने के लिए बातचीत दोबारा शुरू करने की अपील की है. रूसी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, दोनों नेताओं ने फोन पर हुई चर्चा में एक सुर में कहा कि इस संकट का जल्द, स्थायी और टिकाऊ समाधान निकलना जरूरी है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत के जरिए ऐसा समझौता होना चाहिए जिसमें क्षेत्र के सभी देशों के जायज हितों का ध्यान रखा जाए.
अमेरिकी सेना ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें पूर्वी प्रशांत महासागर में एक समुद्री जहाज पर किए गए हमले को दिखाया गया है. अमेरिकी साउदर्न कमांड के मुताबिक, इस सैन्य कार्रवाई में दो लोग मारे गए हैं. सेना ने बताया कि इस जहाज को ‘नामित आतंकवादी संगठन’ चला रहा था. हालांकि उन्होंने संगठन के नाम का खुलासा नहीं किया. सेना ने मारे गए लोगों को ‘पुरुष नार्को-टेररिस्ट’ (नशीली दवाओं के व्यापार से जुड़े आतंकवादी) बताया है. इस ऑपरेशन में किसी भी अमेरिकी सैनिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
अमेरिकी विदेश विभाग ने शुक्रवार देर रात जानकारी दी कि कुवैत में गिरफ्तार किए गए कुवैती-अमेरिकी पत्रकार अहमद शिहाब-एल्दिन को रिहा कर दिया गया है. विभाग के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कुवैत सरकार ने उन्हें आजाद कर दिया और अब उन्हें देश छोड़ने की अनुमति भी मिल गई है. हालांकि, पत्रकार की निजता और सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अमेरिकी सरकार ने इस बारे में और अधिक जानकारी साझा नहीं की है कि उन्हें किन परिस्थितियों में गिरफ्तार किया गया था.
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने शुक्रवार को एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक इंटव्यू में कहा कि उन्होंने ईरानी और रूसी तेल के लिए वाशिंगटन की छूट को आगे बढ़ाने की संभावना से इनकार कर दिया है.
शुक्रवार देर रात को अराघची के पाकिस्तान पहुंचने के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरानी विदेश मंत्री पाकिस्तान के उच्चस्तरीय नेताओं से मुलाकात करेंगे और क्षेत्रीय विकास, शांति तथा स्थिरता के प्रयासों पर भी चर्चा करेंगे.
अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के प्रयास सफल होते नहीं दिख रहे हैं. प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान की विदेश मंत्री शुक्रवार रात के पाकिस्तानी राजधानी तो पहुंच गए हैं, लेकिन वह अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ कोई बैठक नहीं करेंगे. इस बारे में ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी है.
बगाई ने एक्स पर लिखा, ‘ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी बैठक की योजना नहीं है. ईरान की युद्ध समाप्ति को लेकर अपनी शर्तें, टिप्पणियां पाकिस्तान को सौंपेगा.’
बगाई ने पुष्टि की कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघची इस्लामाबाद पहुंच गए हैं और अमेरिकी थोपे गए आक्रामक युद्ध को समाप्त करने और हमारे क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए चल रही मध्यस्थता और सद्भावना प्रयासों के तहत पाकिस्तानी उच्च स्तरीय अधिकारियों से मुलाकात करेंगे.
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