ईरान युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप के बार-बार बदलते रुख से अमेरिक सहित दुनियाभर में असमंजस की स्थिति बनी हुई है. ईरान युद्ध पर लगातार बदलते रुख को लेकर ट्रंप को सोशल मीडिया पर भी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. कुछ लोग उनका मजाक उड़ाते हुए ‘ट्रंप ऑलवेज चिकन्स आउट (टैको)’ यानी ट्रंप दबाव के चलते अपने फैसले वापस ले लेते हैं या टाल देते हैं जैसे हैशटैग के तहत पोस्ट कर रहे हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और उनके विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध का अंत बहुत जल्द हो सकता है.
ट्रंप ने इससे पहले ईरान को धमकी दी थी कि अगर वह 15 सूत्री अमेरिकी प्रस्ताव को स्वीकार नहीं करता है तो तेहरान पर तेज हमले किए जाएंगे. इसके लिए ट्रंप ने पहले 5 दिन का समय दिया था और फिर 10 दिन का. वहीं ने पहली बार कबूल किया है कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी अभियानों ने देश की क्षमताओं को बुरी तरह कमजोर कर दिया है.
इस बीच डेली टेलीग्राफ को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा, ईरान के खिलाफ अमेरिका सैन्य कार्रवाई में अमेरिका की मदद नहीं करने के बाद यूएस नाटो से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है. उन्होंने नाटो को कागजी शेर बताया और कहा कि नाटो की विश्वसनीयता उन्हें बहुत पहले से शक था.
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि ईरान की सत्ता खिलाफ इजरायल का अभियान अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने दावा किया कि अमेरिका के साथ संयुक्त अभियानों ने ईरानी शासन की जड़ें हिला दी हैं. नेतन्याहू ने कहा, ‘अमेरिका के साथ संयुक्त अभियान के एक महीने के भीतर हम उस आतंक के शासन को कुचल रहे हैं, जो अमेरिका मुर्दाबाद, इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगा रहा था.’
वहीं ईरान ने अब खुद को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का गेटकीपर घोषित कर दिया है. इसका मतलब ये है कि इस रास्ते से जो भी जहाज गुजरेगा उससे तेहरान मोटी रकम वसूलेगा. इससे पहले ईरान ने कभी भी इस रास्ते का इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए नहीं किया गया था.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप राष्ट्र के नाम संबोधित करने वाले हैं. वह भारतीय समयानुसार सुबह करीब 6.30 बजे अमेरिका को संबोधित करेंगे. ट्रंप के इस संबोधन पर दुनिया की निगाहें टिकीं हुई हैं. ईरान संकट के बीच ट्रंप का ये भाषण बहुत ही अहम हो सकता है. हो सकता है कि वो मिडिल ईस्ट से अमेरिका के वहां से बाहर जाने का ऐलान कर दें.
ईरान ने ट्रंप के सत्ता परिवर्तन के दावे पर कहा कि वे अप्रैल फूल बना रहे हैं क्योंकि प्रसिडेंट ट्वीट से नहीं बदलते. मुंबई स्थित कांस्युलेट जनरल ऑफ ईरान ने कहा कि पहले भी मसूद पेजेश्कियन राष्ट्रपति थे और अब भी वही हैं इसलिए यहां की सत्ता नहीं बदली है.
Source: IOCL
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