US Stocks: भारत में बैठकर कैसे खरीदें Apple, Google और Tesla के शेयर्स? अमेरिकी बाजार में निवेश का – ABP News

US Stock Market Investment from India: भारतीय शेयर बाजार भारतीय निवेशकों के लिए काफी आसान है. लेकिन अब भारतीय निवेशकों की संख्या विदेशी निवेश की ओर भी बढ़ रही है. ये प्रक्रिया कुछ साल पहले तक तो काफी मुश्किल लगती थी. लेकिन अब विदेशी शेयर बाजार भी लोगों के लिए काफी आसान हो गया है. तो वहीं कई लोगों को ये भी गलतफहमी थी कि विदेशी स्टॉक मार्केट में केवल वही लोग निवेश कर सकते हैं जिनके पास अथाह पैसा हो. हालांकि ये पूरी तरह से गलत बात है, क्योंकि विदेश बाजार में कोई भी निवेश कर सकता है.
अब जो समय है उसमें अमेरिकी शेयर बाजार में भारतीय निवेशकों के लिए निवेश करना पहले के मुकाबले काफी आसान हो गया है. यहां बैठे- बैठे आप आसानी से एप्पल, गूगल और टेस्ला जैसी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं. ये प्रक्रिया अब ऑनलाइन हो गई है, इसके लिए निवेशकों को कुछ जरूरी प्रक्रियाओं को समझना होता है.
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सबसे पहले चुनें निवेश प्लेटफॉर्म
अमेरिकी शेयरों में निवेश करने के लिए निवेशक कई डोमेस्टिक फिनटेक प्लेटफॉर्म्स या ब्रोकरेज एप्स जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं. इनमें से कई प्लेटफॉर्म अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनियों के साथ साझेदारी के जरिए निवेश की सुविधा देते हैं.
KYC और अकाउंट खोलना है जरूरी
निवेश शुरू करने के लिए पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते की जानकारी के साथ KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है. इसके बाद निवेशक का इंटरनेशनल इनवेस्टमेंट अकाउंट एक्टिव हो जाता है.
डॉलर में भेजना होता है पैसा
अमेरिकी शेयरों की खरीद डॉलर में होती है. भारतीय रिजर्व बैंक की लिबरलाइज्ड रेमिटेंस स्कीम (LRS) के तहत कोई भी भारतीय नागरिक एक वित्त वर्ष में 2.5 लाख डॉलर तक विदेश भेज सकता है. निवेशक अपने बैंक खाते से रुपये को डॉलर में बदलकर निवेश खाते में ट्रांसफर कर सकते हैं.
फ्रैक्शनल शेयर खरीदने की भी सुविधा
अगर किसी शेयर की कीमत ज्यादा है तो निवेशक उसका पूरा शेयर खरीदने के बजाय उसका छोटा हिस्सा यानी फ्रैक्शनल शेयर भी खरीद सकते हैं. उदाहरण के लिए, अगर एप्पल का एक शेयर महंगा है, तो निवेशक 10 या 50 डॉलर से भी निवेश की शुरुआत कर सकते हैं.
टैक्स नियमों को समझना जरूरी
अमेरिकी शेयरों से होने वाले मुनाफे पर भारत में कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है. इसके अलावा, डिविडेंड पर अमेरिका में टैक्स कट सकता है. हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट (DTAA) होने के कारण निवेशकों को दो बार टैक्स देने से राहत मिलती है.
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इन बातों का रखें ख्याल
अमेरिकी बाजार में निवेश करने का शौक तो कई लोगों को होता है, क्योंकि इससे फायदा भी है. लेकिन इसमें कई जोखिम भी होते हैं, जिनके बारे में जानकर ही निवेश करना चाहिए. आइये बताते हैं:

प्रतीक्षा राणावत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें मीडिया इंडस्ट्री में करीब 12 वर्षों का अनुभव है. इन्होंने भोपाल स्थित माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मल्टीमीडिया (B.Sc – Multimedia) में ग्रेजुएशन किया है और इसके बाद जन संचार (Mass Communication) में पोस्ट ग्रेजुएशन भी किया है. अपने करियर की शुरुआत इन्होंने न्यूज़ एंकर के रूप में की, लेकिन समय के साथ लेखन में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई. वर्तमान में प्रतीक्षा बिजनेस और यूटिलिटी विषयों के लिए लेखन करती हैं. इसके अलावा इन्होंने लंबे समय तक एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर भी लिखा है. लिखने के साथ- साथ ही इन्हें ट्रैवलिंग, नई चीज़ों को एक्सप्लोर करना और किताबें पढ़ने का भी शौक है
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