Varanasi News: वाराणसी। केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने स्कूली बच्चों को भारतीय ज्ञान और संस्कृति की महत्ता समझाई। बीएचयू स्थित स्वतंत्रता भवन सभागार में मंगलवार को उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत के महान संगीतज्ञ मुत्तुस्वामी दीक्षितर की 250वीं जयंती पर 250 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया। स्कूली बच्चों से भरे सभागार में वह एक शिक्षिका की भूमिका में नजर आईं। मुत्तुस्वामी दीक्षितर की रचनाओं की विशिष्टता और आध्यात्मिक गहराई पर प्रकाश डालते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि उनके कीर्तन केवल भक्ति संगीत नहीं, बल्कि भारत के मंदिरों, भूगोल, इतिहास और आध्यात्मिक परंपराओं का अनूठा दस्तावेज हैं। मुत्तुस्वामी दीक्षितर ने ढाई सौ साल पहले अपनी संगीत रचनाओं में भारत के विभिन्न तीर्थस्थलों और मंदिरों का विस्तृत परिचय दिया था। समारोह में आए स्कूली बच्चों की सराहना करते हुए वित्तमंत्री ने कहा कि मोबाइल का उपयोग एक सीमा तक ठीक है, मगर संस्कृति का ज्ञान बेहद जरूरी है जो ऐसे कार्यक्रमों में शामिल होने से ही मिलेगा। उन्होंने बच्चों को मुत्तुस्वामी दीक्षितर को काशी में गुरु से मिले ज्ञान और वीणा की भी जानकारी दी। चेन्नई में आज भी उनके परिजन उस वीणा को सहेजकर रखे हुए हैं और नित्य उसकी पूजा होती है।
समारोह के दौरान मुत्तुस्वामी दीक्षितर के जीवन, दर्शन और संगीत साधना पर आधारित पुस्तक ‘अमर गुरुगुहम् पोट्रुवाम्’ का विमोचन किया। इसके बाद आईआईटी बीएचयू के आईकेएस केंद्र की वेबसाइट और लोगो का लोकार्पण किया। बीएचयू के कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने अतिथियों का स्वागत किया और इस ऐतिहासिक अवसर के महत्व पर विचार व्यक्त किए। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने मुत्तुस्वामी दीक्षितर के संगीत योगदान और भारतीय शास्त्रीय संगीत की परंपरा में उनके विशिष्ट स्थान पर प्रकाश डाला। आईकेएस केंद्र समन्वयक डॉ. वी. रामनाथन ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
ख्यात कलाकारों ने की कर्नाटक संगीत की प्रस्तुति
समारोह में कर्नाटक संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। प्रख्यात गायिका डॉ. सुमित्रा वासुदेव ने चार प्रस्तुतियों से महान संगीतज्ञ को स्वरांजलि अर्पित की। इसके बाद रमणा बालचंद्रन ने वीणा वादन की प्रस्तुति दी और मुत्तुस्वामी दीक्षितर के प्रिय गीत सुनाए। उनके साथ गणपतिरामन ने मृदंगम और एल. रामकृष्णन ने वायलिन पर संगत की।
शॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग
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