Vi Broadband: वोडा-आइडिया की ब्रॉडबैंड सर्विस, Jio-Airtel से टक्कर के लिए मिला ISP VNO लाइसेंस, जानें आपका फायदा – Navbharat Times

टेलिकॉम टॉक की रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी को मार्च में दूरसंचार विभाग से ISP VNO (ऑल इंडिया) के लिए यूनिफाइड लाइसेंस मिला था, जिसकी वैलिडिटी 10 साल है। जानकारी के अनुसार, वोडा-आइडिया को देश में अपनी ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू करने के लिए बुनियादी ढांचा डेवलप करने की जरूरत नहीं होगी।

इसका सीधा मतलब है कि Vi आपके इलाके में पहले से मौजूद किसी दूसरी कंपनी के फाइबर नेटवर्क (जैसे- लोकल केबल ऑपरेटर या अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर) के जरिए वीआई ब्रैंड का ब्रॉडबैंड पहुंचाएगी। इसके मुकाबले एयरटेल और जियो ने करोड़ों रुपये खर्च करके अपना इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलप किया है।

यानी आपके इलाके में बिना वीआई के खंभे लगे या तार खिंचे भी कंपनी का ब्रॉडबैंड शुरू हो सकता है, अगर वहां पहले से फाइबर इंटरनेट की लाइन बिछी हुई है।

वोडा-आइडिया जैसे बड़े प्लेयर के ब्रॉडबैंड सेगमेंट में उतरने से रिचार्ज प्लान्स सस्ते हो सकते हैं। मौजूदा वक्त में एयरटेल-जियो के रिचार्ज प्लान्स लगभग एक से हैं, जबकि लोकल इंटरनेट प्रोवाइडर कुछ कम कीमत में इंटरनेट देते हैं।
वीआई सस्ते पैक्स लॉन्च करके मार्केट में कॉम्पिटिशन को बढ़ा सकती है। कंपनी के पास OTT बंडल्स वाले कई अच्छे मोबाइल प्रीपेड प्लान हैं, जिन्हें वह ब्रॉडबैंड प्लान में जोड़ सकती है। खास बात है कि Vi को जो लाइसेंस मिला है, उससे वह कॉरपोरेट इंटरनेट कनेक्शन यानी कंपनियों को भी इंटरनेट कनेक्टिविटी दे पाएगी।

लेखक के बारे मेंप्रेम त्रिपाठीप्रेम त्र‍िपाठी, नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में असिस्‍टेंट एडिटर हैं। वह टेक-ऑटो टीम को लीड कर रहे हैं। टेक्‍नोलॉजी, गैजेट्स, आर्टिफ‍िशियल इंटेलिजेंस और ड‍िफेंस टेक के क्षेत्र को कवर करते हुए इन्‍हें पत्रकारिता में 15 साल हो गए हैं। प्रेम ने भारत के स्‍मार्टफोन मार्केट को नोकिया से सैमसंग और चीनी कंपनियों के दबदबे से ऐपल की बढ़ती लोकप्रि‍यता में बदलते हुए देखा है। इन्‍होंने टेलिकॉम पत्रकारिता का वह दौर देखा है जब 2G और 3G मोबाइल नेटवर्क पर मिलने वाला 2GB डेटा पूरे महीने चलाना पड़ता है। यही वजह है कि जब पाठकों को 5G नेटवर्क या 6G पर हो रही रिसर्च की खबरें देनी होती हैं, प्रेम की खबरों में उनका अनुभव स्‍पष्‍ट तौर पर झलकता है। ‘सैटेलाइट इंटरनेट’ और ‘डायरेक्‍ट टु ड‍िवाइस कम्‍युनिकेशन टेक्‍नोलॉजी’ जैसे विषयों को आसान भाषा में समझाना इन्‍हें आता है। गैजेट रिव्‍यूज लिखते हुए प्रेम को लंबा समय हो गया है। शुरुआती विंडोज से लेकर एंड्रॉयड स्‍मार्टफोन और आईफोन्‍स का इन्‍होंने गहराई से र‍िव्‍यू किया है। लैपटॉप-पीसी से लेकर स्‍मार्ट टीवी और वियरेबल्‍स को भी जमकर परखा और टटोला है। प्रेम, टेक-टेलिकॉम इंडस्‍ट्री के एक्‍सपर्ट्स का डिटेल इंटरव्‍यू करते हैं। वह कई वर्षों से लॉन्‍च इवेंट्स को ऑन ग्राउंड कवर कर रहे है। इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) को उसके पहले एडिशन (साल 2017) से कवर करते हुए आए हैं, जिससे भारत की टेक्‍नोलॉजी इंडस्‍ट्री में हो रहे बड़े बदलावों को समझने में इन्‍हें व‍िशेषज्ञता हासिल हुई है। हाल के वर्षों में प्रेम ने आर्टिफ‍िशिल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर अपनी लेखनी को मजबूत किया है। वह AI टूल्‍स को इस्‍तेमाल करके उनके बारे में पाठकों को बताते हैं। AI के क्षेत्र में होने वाले हर प्रमुख बदलाव को रीडर्स तक आसान भाषा में समझाते हैं। टेक्‍नोलॉजी किस तरह से लोगों का जीवन आसान बना सकती है, इस विचार के साथ प्रेम, नवभारत टाइम्‍स के पाठकों को सिंपल हाउटु (HowTo), ट‍िप्‍स एंड ट्रिक्‍स (Tips & Tricks) भी बताते हैं। किसी भी हैक को वह पहले खुद आजमाते हैं और वेरिफाई करते हैं। यही प्रैक्‍ट‍िस वह डेली टेक-गैजेट न्‍यूज के साथ भी करते हैं। न्‍यूज को वेरिफाई करना, फैक्‍ट्स क्रॉस चेक करना, एड‍िशनल इनपुट जुटाना, रिसर्च और आंकड़े जोड़कर वह किसी भी खबर को अपने पाठकों के लिए व‍िस्‍तृत रूप से तैयार करते हैं। प्रेम के पास प्रिंट मीडिया और ड‍िजिटल मीड‍ि‍या का शानदार अनुभव है। नवभारत टाइम्‍स ऑनलाइन में आने से पहले वह नवंबर 2021 से जनवरी 2025 तक प्रतिष्‍ठ‍ित टेक-गैजेट वेबसाइट, Gadgets360 (NDTV वेंचर्स) में कार्यरत थे। वहां इन्‍होंने गैजेट्स, टेक, एआई, डिफेंस टेक और साइंस पर विस्‍तृत कवरेज दिया और गैजेट रिव्‍यूज ल‍िखे। प्रेम ने साल 2011 में हिन्‍दुस्‍तान हिंदी से अपना कर‍ियर शुरू किया था। 2013 में अमर उजाला और 2017 में नवभारत टाइम्‍स अखबार में सेवाएं दीं। रिपोर्टिंग और डेस्‍क दोनों में इन्‍होंने काम किया है। अमर उजाला के लिए ‘केदारनाथ आपदा 2013’ को कवर क‍िया है। इनकी लिखी क‍िताब ‘है गौ’ को अमर उजाला फाउंडेशन ने प्रकाशित किया था। प्रेम त्र‍िपाठी ने 2008 में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल से बैचलर ऑफ साइंस (Bsc) की पढ़ाई पूरी की थी। इनके पास माखनलाल चतुर्वेदी यूनिवर्सिटी, भोपाल से मास कम्‍युनिकेशन में मास्‍टर ऑफ आर्ट्स (MA) की डिग्री है।और पढ़ें

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