बैतूल| सतपुड़ा की वादियों में बसा बरसाली भारत की अनूठी भौगोलिक पहचान के लिए जाना जाता है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा 1580 में राजा डोडरमल ने अखंड भारत के केंद्र बिंदु के रूप में बरसाली का निर्धारण किया था। इसका शिलालेख भी बरस
खंडेलवाल ने कहा बरसाली की पहचान को देश और दुनिया तक पहुंचाने के लिए सारिका घारू विशेष प्रयास कर रही हैं। वे संगीत और वीडियो से बरसाली के खगोलीय महत्व का प्रचार कर रही हैं। उन्होंने कहा सारिका का काम बरसाली की पहचान को फिर से स्थापित करने में मदद करेगा। इससे देश-विदेश में बैतूल जिले का बरसाली पर्यटन के मानचित्र पर स्थापित हो सकेगा।
सारिका घारू ने कहा कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे के मार्गदर्शन में बैतूल के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए यह वीडियो तैयार किया है। गीत में “चलो चलें बरसाली में। जहां भारत का दिल धड़कता है। पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण का धागा जहां आकर जुड़ता है” पंक्तियों के जरिए बरसाली के खगोलीय महत्व को रेखांकित किया है।
देश-दुनिया के पर्यटकों से यहां आने की अपील की है। वीडियो में बरसाली के साथ बैतूल जिले की पूरी पर्यटन क्षमता को भी शामिल किया गया है।
Copyright © 2025-26 DB Corp ltd., All Rights Reserved
This website follows the DNPA Code of Ethics.