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उत्तर प्रदेश के कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित आपत्तिजनक और भ्रामक पोस्ट करने के मामले में कानपुर के साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है. पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को नामजद करते हुए जांच शुरू कर दी है.
एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव ने आरोप लगाया है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारी साझा कर अदिति यादव की छवि खराब करने का प्रयास किया गया. मामले में तीन लोगों को नामजद किया गया है.
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पुलिस अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और संबंधित अकाउंट की गहन जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि पोस्ट किस उद्देश्य से और किसने साझा किया था.
सोशल मीडिया पोस्ट से जुड़ा विवाद, छवि खराब करने का आरोप
शिकायत के अनुसार, 9 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें भारत कुमार पटेल नाम की आईडी से कथित रूप से भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री साझा की गई थी.
आरोप है कि पोस्ट में अदिति यादव के खिलाफ चोरी और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े गलत दावे किए गए थे. साथ ही एक फोटो को एडिट कर प्रसारित किया गया, जिससे उनकी छवि को नुकसान पहुंचा.
शिकायतकर्ता का कहना है कि यह पोस्ट पूरी तरह फर्जी तथ्यों पर आधारित थी और इसका उद्देश्य सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाना था.
तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज, IT एक्ट भी शामिल
मामले में पुलिस ने भारत कुमार पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद कुमार यादव को नामजद किया है. इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 79 और 336(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66E के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट की फॉरेंसिक जांच और डिजिटल ट्रेसिंग की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि पोस्ट किस डिवाइस और लोकेशन से अपलोड की गई थी.
साइबर पुलिस ने शुरू की डिजिटल जांच
साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है. अधिकारियों के अनुसार सोशल मीडिया अकाउंट, पोस्ट के स्रोत और संबंधित डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है.
पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. यदि किसी तरह की साजिश या संगठित गतिविधि सामने आती है तो मामले को और गंभीर धाराओं में भी बदला जा सकता है.
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