कुछ दिन पहले तक देश के ज्यादातर हिस्सों में एक समय तो ऐसा आ गया था कि यह बारिश कब रुकेगी? लेकिन अब शिकायत बिल्कुल उलट हो गई है बारिश गई कहां? जिन शहरों में हर दिन बादल छाए रहते थे वहां अब तेज धूप निकल रही है. खेतों में बारिश का इंतजार हो रहा है उमस बढ़ गई है और आसमान कई जगह बिल्कुल साफ दिख रहा है.
आखिर मानसून अचानक गायब कैसे हो गया?
मानसून अभी भारत से गया नहीं है, लेकिन उसकी चाल बहुत धीमी पड़ गई है कि मौसम वैज्ञानिक इसे ‘ब्रेक इन मॉनसून’ कहते हैं. यानी कुछ दिनों के लिए बारिश का पूरा सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और बारिश का इलाका बदल जाता है. इस समय भी कुछ ऐसा ही हो रहा है. भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने भी उत्तर-पश्चिम, पश्चिम-मध्य और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में कुछ दिनों तक बारिश कमजोर रहने की बात कही है.
आखिर मानसून को किसने रोक दिया?
मानसून किसी नल की तरह नहीं है कि उसका पानी अचानक बंद हो जाए. इसके पीछे समुद्र, हवाएं, बादल और कम दबाव वाले सिस्टम मिलकर काम करते हैं. इस बार सबसे बड़ी दिक्कत यह हुई कि बंगाल की खाड़ी में पिछले कुछ दिनों से नए लो-प्रेशर सिस्टम नहीं बने. यही सिस्टम जुलाई में देश के अंदर बारिश को आगे बढ़ाते हैं. दूसरी तरफ प्रशांत महासागर में मौसम की हलचल और Madden-Julian Oscillation (MJO) जैसी वैश्विक प्रणाली भी भारत के पक्ष में नहीं रही. इसका असर यह हुआ कि मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ गईं और बारिश की रफ्तार थम गई.
इसके साथ ही मानसून ट्रफ जिसे बारिश की मुख्य पटरी कहा जाता है अपनी सामान्य जगह से खिसककर हिमालय की तलहटी की ओर चली गई. जहां ट्रफ जाती है वहीं बादल ज्यादा बनते हैं. इसलिए मैदानी इलाकों में बारिश कम हो गई जबकि बिहार, पूर्वोत्तर, उत्तराखंड और हिमालय से जुड़े इलाकों में अब भी अच्छी बारिश हो रही है.
कहीं बाढ़ है तो कहीं सूखे जैसे हालात
इस समय भारत दो अलग-अलग मौसमों की मार झेल रहा है. पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है जबकि महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, गुजरात और मध्य भारत के कई हिस्सों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं. कुछ जगहों पर उमस बढ़ गई है तो कहीं किसान आसमान की तरफ देख रहे हैं. यानी समस्या ये नहीं है कि मानसून खत्म हो गया है. समस्या ये है कि बारिश का बंटवारा बिगड़ गया है. जहां जरूरत है वहां बादल नहीं पहुंच रहे और जहां पहले से काफी बारिश हो चुकी है वहां फिर बारिश हो रही है.
बारिश रुकते ही इतनी उमस क्यों बढ़ गई?
लोगों को लग रहा है कि बारिश का मौसम होते हुए भी जून जैसी गर्मी वापस आ गई है. इसकी वजह भी आसान है. बादल सूरज की तेज किरणों को रोकते हैं. जब बादल हट जाते हैं तो धूप सीधे जमीन तक पहुंचती है और तापमान तेजी से बढ़ जाता है. दूसरी तरफ हवा में नमी पहले से मौजूद रहती है. यही नमी गर्मी के साथ मिलकर चिपचिपी उमस पैदा करती है यानी बारिश भले रुक गई हो, लेकिन नमी नहीं गई. इसलिए लोगों को पहले से ज्यादा बेचैनी महसूस हो रही है.
सबसे ज्यादा चिंता किसानों की क्यों है?
जुलाई खरीफ खेती का सबसे अहम महीना होता है. धान, सोयाबीन, कपास, मक्का और दालों की बुवाई इसी समय होती है. जून पहले ही कमजोर रहा था. जुलाई के पहले हफ्ते में अच्छी बारिश हुई तो किसानों ने तेजी से बुवाई शुरू की लेकिन अब बारिश रुकने से नई फसल पर खतरा बढ़ गया है. अगर अगले कुछ दिनों तक पर्याप्त बारिश नहीं हुई तो नई पौध को नुकसान हो सकता है और कई इलाकों में दोबारा बुआई की नौबत आ सकती है.
कमजोर मानसून का असर सिर्फ खेतों तक नहीं रहता. अगर बारिश लंबी अवधि तक कम रही तो जलाशयों में पानी कम भरेगा, बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है और आगे चलकर दाल, सब्जियों और दूसरी खाद्य चीजों की कीमतों पर भी दबाव बढ़ सकता है.
क्या बारिश वापस आएगी?
फिलहाल मौसम वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह ब्रेक हमेशा नहीं रहेगा. IMD के मुताबिक 17 जुलाई के आसपास बंगाल की खाड़ी में मौसम फिर सक्रिय हो सकता है. अगर नया लो-प्रेशर सिस्टम बनता है तो मध्य और पूर्वी भारत से बारिश की वापसी शुरू हो सकती है और धीरे-धीरे दूसरे हिस्सों तक भी इसका असर पहुंचेगा.
यही तय करेंगे अगले 10 दिन
मानसून गायब नहीं हुआ है लेकिन फिलहाल उसने रफ्तार जरूर कम कर दी है. अब सबसे बड़ा सवाल यह नहीं है कि बारिश क्यों रुकी बल्कि यह है कि यह ब्रेक कितने दिन चलता है. अगर अगले कुछ दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो गया तो खेती, जलाशयों और मौसम तीनों को राहत मिलेगी, लेकिन अगर यह ‘मिसिंग मानसून’ लंबा खिंच गया तो इसका असर सिर्फ मौसम तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि खेतों, महंगाई और देश की अर्थव्यवस्था तक महसूस किया जाएगा.
वरुण भसीन एबीपी न्यूज़ में प्रिंसिपल कॉरेस्पॉन्डेंट हैं. पिछले 9 साल से पत्रकारिता कर रहे हैं. वे एयरलाइंस, रेलवे और सड़क-परिवहन से जुड़ी खबरें कवर करते हैं. इससे पहले वे कई संस्थानों में काम कर चुके हैं. वरुण न्यूज जगत से जुड़ी डॉक्यूमेंट्री फिल्में भी बनाते आए हैं. वरुण ने MBM यूनिविर्सिटी जोधपुर से पढ़ाई की है. संपर्क करने के लिए मेल आईडी है- varunb@abpnetwork.com
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