अजमेर दरगाह के खादिमों को मिली राहत, दिल्ली HC ने नाज़िम के नोटिस पर लगाई रोक – Zee News

Ajmer Dargah News: दिल्ली हाई कोर्ट ने अजमेर दरगाह के केयरटेकर को नाजिम द्वारा भेजे गए बेदखली नोटिस पर रोक लगा दी है. कोर्ट ने कहा कि बिना सुनवाई के कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी और दरगाह कमेटी बने बिना नाजिम सीधे आदेश जारी नहीं कर सकते.
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Ajmer Dargah High Court Order: अजमेर दरगाह कमेटी ने दरगाह कैंपस के अंदर कथित अवैध कब्जों को हटाने का आदेश दिया था. इस आदेश को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी, जिसने अब अजमेर दरगाह में अवैध कब्जों और प्रशासनिक शक्तियों से जुड़े चल रहे विवाद में एक अहम फैसला सुनाया है. हाईकोर्ट ने दरगाह नाजिम मोहम्मद बिलाल खान द्वारा खादिमों को भेजे गए नोटिस और दरगाह कमेटी द्वारा जारी किए गए आदेशों पर अस्थायी रोक लगा दी है. यह आदेश दरगाह खादिम सैयद मेहराज चिश्ती द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई के बाद जारी किया गया.
दरअसल, नाजिम ने दरगाह परिसर से अलमारी, बक्से, गद्दे और अन्य कथित अवैध अतिक्रमणों को हटाने के लिए नोटिस जारी किए. इसके अलावा, नाज़िम ने 1955 के अधिनियम का हवाला देते हुए एक नई दरगाह कमेटी बनाने की प्रक्रिया शुरू करने का भी आदेश दिया. इस आदेश के बाद खादिम समुदाय ने इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और मामला हाईकोर्ट तक पहुंच गया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?
दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस सचिन दत्ता ने सभी नोटिस और आदेशों पर रोक लगाते हुए साफ कहा कि दरगाह कमेटी का गठन केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है. इसलिए, कमेटी का गठन केंद्र सरकार 1955 के एक्ट की धारा 4 और 5 के तहत करेगी. किसी भी खादिम या अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए किसी भी अतिक्रमण को हटाने से पहले नोटिस जारी करना ज़रूरी है. कोर्ट ने यह भी कहा कि कोई भी आदेश पारित करने से पहले नोटिस जारी करने के बाद सुनवाई की प्रक्रिया का पालन करना होगा. जब तक कानूनी दरगाह कमेटी का गठन नहीं हो जाता, तब तक नाज़िम कोई सीधा आदेश जारी नहीं कर सकते.

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याचिकाकर्ता ने क्या कहा?
अब हाईकोर्ट ने इस मामले में अगली सुनवाई 23 फरवरी 2026 को तय की है. वही, याचिकाकर्ता सैयद मेहराज चिश्ती ने कोर्ट के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि इससे दरगाह में शांति और पारदर्शिता बनी रहेगी. अंजुमन दरगाह शरीफ के उर्स संयोजक सैयद हसन हाशमी ने भी इस फैसले को संतुलित बताया और कहा कि दरगाह प्रशासन में सभी को कानून का पालन करना चाहिए.
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