भागलपुर, वरीय संवाददाता। पूर्व बिहार समेत भागलपुर जिले में गंगानदी का जलस्तर उफान पर है। गंगा के दोनों तट पर बसे टोले, मोहल्लों व शहरों में बाढ़ आ गई है। भागलपुर शहर समेत सबौर, नाथनगर, सुल्तानगंज, कहलगांव व नवगछिया अनुमंडल के गंगातट के किनारे निचले इलाकों में पानी तेज गति से घुस रहा है। इलाके में बारिश की गतिविधि कम होने के बावजूद गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। दरअसल, पूर्व बिहार समेत पूरे बिहार में भले ही बारिश की गतिविधियों में कमी आई हो, लेकिन पड़ोसी राज्यों में हो रही झमाझम बारिश का असर अब गंगा और उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर दिखाई देने लगा है。
बीएयू सबौर के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र कुमार के अनुसार उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड में सक्रिय लो प्रेशर एरिया के कारण वहां लगातार बारिश हो रही है। इसका पानी विभिन्न नदियों के रास्ते गंगा में पहुंच रहा है, जिससे पूर्वी बिहार तक गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। नेपाल समेत अन्य राज्यों की नदियां भी गंगा तक पहुंचकर इसमें भारी मात्रा में बाढ़ का पानी ला रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अगले 24 घंटे में बारिश का दौर कम होने लगेगा। ऐसे में वहां से आने वाले पानी का बहाव भी धीरे-धीरे कम होगा। खासकर पूर्वी बिहार में गंगा के साथ उसकी सहायक नदियों के जलस्तर में भी उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
शनिवार का मौसम रहा साफ, हुई हल्की बारिश जिले में शनिवार का मौसम अधिकांश समय साफ रहा। आसमान में हल्के बादल छाए रहे। सबौर समेत आसपास के इलाके में 0.2 मिलीमीटर बारिश हुई है। लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिल रही है। दिन का अधिकतम तापमान जहां 31.2 डिग्री रहा, वहीं सुबह के समय न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी की अधिकतम मात्रा 86 प्रतिशत रही। पांच किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से पूर्व दिशा से हवा चलती रही। छह व सात सितंबर को जिले के अनेक इलाकों में हल्की बारिश की संभावना जताई जा रही है। बारिश के कारण जहां धान के खेतों में पानी उपलब्ध हो रहा है, वहीं बाढ़ग्रस्त इलाके में लोगों को काफी समस्या हो रही है।
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