अब ‘मुरासु’ का खौफ! आंध्र को झकझोरने आ रहा चक्रवाती तूफान – AajTak

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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 1 नवंबर 2026 को दोपहर 11:30 बजे पुष्टि की कि दक्षिण-पश्चिम और आसपास के पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में स्थित गहरा डिप्रेशन चक्रवाती तूफान में बदल गया है. इस तूफान का नाम ‘मुरासु’ रखा गया है. यह तूफान पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है. आगे चलकर गंभीर चक्रवाती तूफान बनने की संभावना है. अनुमान है कि यह 2 नवंबर की मध्य रात से 3 नवंबर की सुबह के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट को पार करेगा. उस समय हवा की गति 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 120 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
उत्तर हिंद महासागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (ESCAP) की समिति द्वारा तैयार सूची से दिए जाते हैं. इस सूची में 13 देशों के सुझाए गए नाम शामिल होते हैं. ‘मुरासु’ नाम भारत द्वारा सुझाया गया है.
Deep Depression intensified into Cyclonic Storm “Murasu” over Southwest and adjoining Westcentral Bay of Bengal at 1130 Hrs IST of today, the 01 Nov 2026 https://t.co/MES1ojRza5
तमिल भाषा में मुरासु का अर्थ है प्राचीन ढोल या ड्रम. पुराने समय में इस वाद्य यंत्र का इस्तेमाल गांवों में जानकारी फैलाने और प्राकृतिक आपदाओं की चेतावनी देने के लिए किया जाता था. इसलिए यह नाम चुना गया. यह नाम IMD द्वारा आधिकारिक रूप से तब दिया जाता है जब सिस्टम चक्रवाती तूफान की श्रेणी में पहुंच जाता है.
अभी कहां हैं तूफान और आगे का रास्ता
1 नवंबर दोपहर में यह तूफान चेन्नई से लगभग 560 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापट्टनम से 660 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और नेल्लोर से 630 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था. यह लगातार मजबूत हो रहा है. मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह 2 नवंबर की सुबह तक गंभीर चक्रवाती तूफान बन सकता है. इसके बाद यह आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ेगा. हाल ही में चक्रवात अर्नब के असर से उबर रहे इलाकों के लिए यह दूसरा झटका हो सकता है. 
India Meteorological Department tweets, “…The Deep Depression over Southwest & adjoining Southeast Bay of Bengal moved west-northwestwards with a speed of 23 kmph during the past 6 hours, intensifying into the Cyclonic Storm ‘Murasu’ (Pronunciation: Murasu)… It is very likely to move west-northwestwards and intensify further into a Severe Cyclonic Storm over the West Central Bay of Bengal around 2nd November morning.” IMD adds, “…it is very likely to move northwestwards and cross the south Andhra Pradesh coast as a Severe Cyclonic Storm with wind speed of 100 to 110 kmph gusting 120kmph between Nellore and Narsapur during midnight (2330 Hrs IST) of 2nd to early hours (0400 Hrs IST) of 3rd November, 2026.”
आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों और रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है. कुछ जगहों पर बेहद भारी बारिश भी हो सकती है. उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी मध्यम बारिश हो सकती है. तेज हवाओं से पेड़ गिरने, बिजली के तार टूटने और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा है. मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. स्थानीय प्रशासन ने बचाव तैयारियां शुरू कर दी हैं.
तैयारी और सावधानी क्यों जरूरी है
पिछले कुछ दिनों में एक चक्रवात के बाद दूसरा सिस्टम आना क्षेत्र के लिए चुनौतीपूर्ण है. लोग अभी पूरी तरह सामान्य स्थिति में नहीं लौटे हैं. इसलिए समय रहते सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट होना, जरूरी सामान तैयार रखना और आधिकारिक चेतावनियों पर ध्यान देना बहुत जरूरी है. IMD लगातार अपडेट जारी कर रहा है.
कुल मिलाकर मुरासु एक मध्यम तीव्रता का चक्रवात साबित हो सकता है, लेकिन भारी बारिश और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका बनी हुई है. सतर्कता बरतकर प्रभाव को कम किया जा सकता है.
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