अभिजीत दीपके रह गए पीछे, Gen-Z के लिए कौन बनाने जा रहा नई आजाद हिंद पार्टी – Hindustan

जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए जेन-Z के प्रदर्शनों ने देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। देश की बड़ी बड़ी पार्टियों का फोकस भी इन दिनों युवाओं पर ही है। हर कोई युवाओं की ऊर्जा को भुनाने की रेस में आगे निकलने की होड़ में हैं। इस बीच छात्र आंदोलन की अगुवाई करने वाले कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने बीते दिनों कहा था कि वे फिलहाल इसे एक राजनीतिक पार्टी नहीं बनाएंगे। अब स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस के परपोते चंद्र कुमार बोस ने इस मौके को लपकते हुए जेन जी के लिए एक नई पार्टी बनाने की घोषणा की है।

रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस दोनों से मोहभंग होने के बाद चंद्र कुमार बोस ने आजाद हिंद पार्टी के नाम से अपनी नई राजनीतिक पार्टी बनाने का ऐलान किया है। उनके मुताबिक यह पार्टी पूरी तरह से जेन Z युवाओं और नेताजी की विचारधारा पर आधारित होगी।

चंद्र बोस ने इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में यह बातें कही हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के 80 सालों बाद देश का युवा एक बार फिर सड़कों पर उतर रहा है और उन्हें लीडरशिप की जरूरत है। उन्होंने कहा, “हमने जंतर-मंतर के प्रदर्शनों में उस युवाओं के जज्बे और भावना को देखा है। आज शिक्षा, स्वास्थ्य और इंडस्ट्री में भ्रष्टाचार एक जीवन शैली बन चुका है। सभी राजनीतिक दल इसमें शामिल हैं।”

बोस ने कहा, “देश का युवा मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था से तंग आ चुका है और अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहता है। ऐसे में नेताजी की आजाद हिंद फौज और आजाद हिंद पार्टी के बैनर तले लड़ने से बेहतर और क्या हो सकता है?” बोस ने आगे दावा किया कि उनकी आजाद हिंद पार्टी पूरी तरह से समावेशी, धर्मनिरपेक्ष और प्रगतिशील विचारधारा वाले युवाओं के लिए एक राष्ट्रीय मंच बनेगी।

चंद्र कुमार बोस का राजनीतिक सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। बोस 2016 में भाजपा में शामिल हुए थे। उनका कहना है कि पार्टी ने उनसे वादा किया था कि नेताजी की विचारधारा के प्रसार के लिए आजाद हिंद मोर्चा बनाया जाएगा। 7 साल इंतजार करने के बाद जब यह मोर्चा नहीं बना, तो उन्होंने भाजपा छोड़ दी और उसमें शामिल होने को अपनी भूल बताया।

इसके बाद अप्रैल 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों से ठीक पहले वे तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए थे। लेकिन जल्द ही पार्टी के भीतर की निम्न स्तरीय राजनीति और व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए उन्होंने ममता बनर्जी की पार्टी से भी इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने खुद की पार्टी उतारने का ऐलान किया है।

जागृति को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 2 साल पहले लाइव हिन्दुस्तान के साथ करियर की शुरुआत हुई। उससे पहले डिग्री-डिप्लोमा सब जर्नलिज्म और मास कम्युनिकेशन में। भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और संत जेवियर्स कॉलेज रांची से स्नातक के बाद से खबरें लिखने का सिलसिला जारी। खबरों को इस तरह से बताना जैसे कोई बेहद दिलचस्प किस्सा, जागृति की खासियत है। अंतर्राष्ट्रीय संबंध और अर्थव्यवस्था की खबरों में गहरी रुचि। लाइव हिन्दुस्तान में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान शानदार कवरेज के लिए इंस्टा अवॉर्ड जीता और अब बतौर कंटेंट प्रोड्यूसर रोजाना कुछ नया सीखने की ललक के साथ आगे बढ़ रही हैं। इसके अलावा सिनेमा को समझने की जिज्ञासा है।
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