अमेरिकी कोर्ट से भारतीय मूल के डॉक्टर को राहत, टेस्ला कार समेत परिवार को खाई में गिराने के आरोप खारिज – Jagran

अमेरिकी कोर्ट ने भारतीय मूल के डॉक्टर धर्मेश पटेल को 2023 में अपनी पत्नी और बच्चों के साथ टेस्ला कार खाई में गिराने के आरोपों से बरी कर दिया गया है। …और पढ़ें
कोर्ट का फैसला। (सांकेतिक तस्वीर)
डिजिटल डेस्क, वॉशिगंटन। अमेरिका में साल 2023 में अपनी पत्नी और दो बच्चों को टेस्ला कार समेत 250 फुट गहरी खाई में जानबूझकर गिराने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर धर्मेश पटेल (45) को अदालत ने सभी आरोपों से मुक्त कर दिया है।
डॉक्टर पटेल पर हत्या के प्रयास का मुकदमा चल रहा था, लेकिन दो साल का मानसिक स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद अदालत ने उन्हें राहत दे दी है।
समझिए क्या था पूरा मामला?
बता दें कि 2 जनवरी 2023 को धर्मेश पटेल अपनी पत्नी और दो बच्चों के साथ कार से ट्रिप पर गए थे। उत्तरी कैलिफोर्निया में उन्होंने अपनी टेस्ला कार को 250 फुट गहरी खाई में उतार दिया। इतनी ऊंचाई से कार गिरने के बावजूद कार में सवार चारों लोग मामूली चोटों के साथ बच गए।
अधिकारियों ने इसे बिल्कुल एक चमत्कार बताया था। शुरुआत में पटेल की पत्नी ने बचाव दल को बताया था कि उनके पति ने जानबूझकर कार खाई में गिराई है। इसके बाद पुलिस ने पटेल को गिरफ्तार कर लिया और उन पर हत्या के प्रयास के तीन आरोप लगाए गए। हालांकि बाद में पत्नी ने कहा कि वह नहीं चाहतीं कि उनके पति पर मुकदमा चले।
मामले की जांच और पूछताछ के दौरान डॉक्टर पटेल ने एक मनोचिकित्सक को बताया कि वह गंभीर डिप्रेशन का शिकार थे। उनके दिमाग में यह वहम बैठ गया था कि उनके बच्चों को किडनैपर उठाकर ले जाएंगे और उन्हें बेच देंगे।
इसी डर और मानसिक संतुलन बिगड़ने के कारण उन्होंने परिवार को खत्म करने का यह कदम उठाया था। इस घटना के बाद कैलिफोर्निया के मेडिकल बोर्ड ने भी उनके डॉक्टरी करने पर रोक लगा दी थी और वह करीब एक साल तक बिना बेल के जेल में रहे।
इस बात को ऐसे समझिए कि साल 2024 में एक विशेषज्ञ डॉक्टर मार्क पैटरसन ने कोर्ट को बताया कि धर्मेश पटेल गंभीर डिप्रेशन और मानसिक बीमारी से जूझ रहे थे। इसके बाद अदालत ने उन्हें जेल से रिहा कर दिया ताकि वे अपना ‘मेंटल हेल्थ ट्रीटमेंट’ पूरा कर सकें।
सैन मेटो काउंटी के डिस्ट्रिक्ट वकील स्टीव वैगस्टाफ ने बताया कि कानून के मुताबिक जज को आरोप हटाने पड़े। नियम यह है कि अगर कोई मानसिक बीमारी के कारण ऐसा करता है और अदालत द्वारा दिया गया इलाज का पूरा कोर्स सही से कर लेता है, तो दो साल बाद उसके रिकॉर्ड से वे आरोप मिटा दिए जाते हैं।
इसके अलावा सरकारी वकील स्टीव वैगस्टाफ का मानना था कि ‘हत्या के प्रयास’ जैसे गंभीर अपराधों में मानसिक स्वास्थ्य सुधार के आधार पर ऐसी छूट नहीं मिलनी चाहिए, लेकिन कानून के आगे उन्हें भी झुकना पड़ा।
रिहाई के दौरान की शर्तें और अब क्या?
गौरतलब है कि इलाज के दौरान पटेल अपने माता-पिता के साथ रहे। उन पर कड़ी नजर रखने के लिए उन्हें जीपीएस (GPS) ब्रेसलेट पहनाया गया था। उन्हें अपना पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस जमा करना पड़ा था और हर हफ्ते कोर्ट में हाजिरी लगानी होती थी।
अब चूंकि उनका इलाज पूरा हो गया है और उनकी मानसिक स्थिति ठीक मानी जा रही है, तो अदालत ने उन्हें राहत दे दी है। उनकी पत्नी और बच्चे भी अब उनके साथ रहने लगे हैं और अदालत ने उन्हें अपने परिवार के साथ समय बिताने और उन्हें कार से घुमाने की इजाजत दे दी है।

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