Indian Army Dog Phantom Gallantry Award: भारतीय सेना के 9 पैरा स्पेशल फोर्सेज के साथ तैनात डॉग ‘फैंटम’ को इस साल के गणतंत्र दिवस पर मरणोपरांत मेंशन इन डिस्पैचेज वीरता पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. फैंटम पिछले साल अक्टूबर में जम्मू कश्मीर में आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन में शहीद हो गया था.
फैंटम ने अखनूर के सुंदरबनी सेक्टर के आसन के पास आतंकियों के खिलाफ किए गए ऑपरेशन में भारतीय सेना का साथ दिया था और दुश्मनों के निशाने पर आ गया था. इस ऑपरेशन के दौरान सेना के जब जवान आतंकियों के करीब पहुंच रहे थे, उस समय फैंटम दुश्मनों की गोलीबारी का सामना कर रहा था जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया और जान गंवा दी. बेल्जियम मेलिनोइस नस्ल का यह डॉग 25 मई, 2020 को पैदा हुआ था और उसे 12 अगस्त, 2022 को सेना में तैनात किया गया था.
Indian Army dog Phantom deployed with the 9 Para Special Forces awarded the Mention in Despatches gallantry award posthumously on this year’s Republic Day pic.twitter.com/1kJEv3xzRN
सेना का कैसे अहम हथियार बना फैंटम डॉग?
फैंटम ने जंगल इलाके के बीच आतंकवादियों के निशान को ट्रैक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी. फैंटम ने छिपे हुए विस्फोटकों का पता लगाया और संभावित भागने के रास्तों की पहचान की, जिससे सैनिकों को घेराबंदी को मजबूत करने में मदद मिली.
फैंटम के शहीद होने के बाद श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया था. तब भारतीय सेना के मेजर जनरल समीर श्रीवास्तव ने कहा था कि ऑपरेशन में हमने आर्मी डॉग फैंटम को खो दिया, जब हम सर्च ऑपरेशन कर रहे थे तो वह आगे था और आतंकवादियों ने डॉग पर गोलियां चलाईं. उसके बलिदान के कारण ही कई लोगों की जान बचाई जा सकी.
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