आबूरोड में ब्रह्माकुमारी संस्थान के मानसरोवर परिसर में प्रशासनिक सेवा प्रभाग की ओर से चार दिवसीय रिट्रीट एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। इसका विषय ‘कर्मयोग से प्रशासनिक उत्कृष्टता’ रखा गया है। इसमें भारत और नेपाल से आए प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं। प
अधिकार पद से, सम्मान आचरण से मिलता है
रिट्रीट के शुभारंभ समारोह में राजस्थान सरकार की पीडब्ल्यूडी, महिला एवं बाल विकास तथा बाल अधिकारिता विभाग की मंत्री डॉ. मंजू बाघमार मुख्य अतिथि थीं। उन्होंने कहा कि प्रशासक की उत्कृष्टता केवल कार्यकुशलता तक सीमित नहीं है, बल्कि निष्पक्षता, संवेदनशीलता, नैतिकता और जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि कर्मयोग सिखाता है कि अधिकार पद से मिलता है, लेकिन सम्मान आचरण से अर्जित होता है। प्रशासन में निजी हित के बजाय सार्वजनिक हित, पारदर्शिता और निष्काम सेवा को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने आत्मचिंतन, सकारात्मक सोच और मूल्य आधारित जीवनशैली के जरिए व्यक्तित्व विकास के लिए ब्रह्माकुमारी संस्था की ओर से किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
प्रशासन पर भी पड़ता है सामाजिक मूल्यों में गिरावट का असर
मध्यप्रदेश के भोपाल से आए मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह ने कहा कि समाज में नैतिक और पारिवारिक मूल्यों का लगातार कम होना चिंता का विषय है। इसका असर प्रशासन पर भी पड़ता है, क्योंकि प्रशासक भी इसी समाज का हिस्सा हैं। उन्हें कई बार दबाव, प्रभाव, लोभ और तनाव के बीच काम करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पहले परिवार और समाज के लोग आपसी विवाद मिल-बैठकर सुलझा लेते थे, लेकिन अब ऐसे मामले भी आयोग तक पहुंच रहे हैं। माता-पिता को बच्चों से भरण-पोषण का अधिकार पाने के लिए आयोग में आवेदन करना पड़ रहा है। उन्होंने इसे पारिवारिक और सांस्कृतिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक बताया।
जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी
ब्रह्माकुमारी संस्था के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि संस्था आध्यात्मिक शिक्षा प्रदान कर रही है। संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा ने इसे विद्यालय का स्वरूप देते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय नाम दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य शिक्षा के साथ जीवन में आध्यात्मिक ज्ञान भी जरूरी है।
इन अतिथियों ने भी रखे विचार
कार्यक्रम में प्रशासनिक सेवा प्रभाग की उपाध्यक्ष एवं जयपुर राजापार्क सबजोन की निदेशिका राजयोगिनी बीके पूनम दीदी, जम्मू-कश्मीर से आए आईआरएस एवं सीजीएसटी कमिश्नर महेश भारद्वाज, कर्नाटक से प्रभाग की क्षेत्रीय संयोजिका बीके वीणा दीदी, कोलकाता में नेपाल के कौंसल जनरल झाका प्रसाद आचार्य, प्रभाग की अतिरिक्त राष्ट्रीय संयोजिका बीके उर्मिला दीदी और राष्ट्रीय संयोजक बीके हरीश भाई ने भी विचार व्यक्त किए।
गोधरा से आए बीके शैलेष भाई ने आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन भोपाल की प्रभागीय जोनल संयोजिका बीके रीना दीदी ने किया।
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