राज्य महिला आयोग की सदस्य सुजीता कुमारी ने बुधवार को कलक्ट्रेट सभागार में महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान फरियाद लेकर सुबह पहुंची महिलाओं को इंतजार करना पड़ा। आयोग की सदस्य ने एक-एक महिला की शिकायत सुनी। सम्बंधित अधिकारियों से शिकायतों के तुरंत निस्तारण का निर्देश दिया। इस दौरान प्रोबेशन विभाग के अलावा पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। 31 महिलाओं ने सुनवाई में पहुंचकर अपनी समस्याएं आयोग की सदस्य को बताई। आयोग की सदस्य ने बताया कि जो शिकायतें मिली हैं उनमें घरेलू हिंसा की छह, दहेज उत्पीड़न की एक, वहीं जमीनी विवादों के सबसे ज्यादा 12 मामले आए। इसके अलावा अश्लील हरकत का एक, साइबर क्राइम के दो व मारपीट लड़ाई-झगड़े के नौ मामले सामने आए।
सभी मामलों में तुरंत निस्तारण का निर्देश दिया। इससे पहले उन्होंने पूर्व में की गई जनसुनवाई में आई शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा की। इसके अलावा आयोग की सदस्य ने महिला अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां मिली अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए व्यवस्थाएं सुधार का निर्देश दिया। महिला अस्पताल में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया। नवजात बच्चों को बेबी किट व मां को मिठाई बांटकर खुशी जताई। इस दौरान उन्होंने बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान के बारे में बताया कि समाज में बालिकाओं का सम्मान बढ़ा है। आयोग सदस्य ने कारागार पहुंचकर महिला बंदी बैरक का निरीक्षण किया। कारागार में व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान अधिकारी व कर्मचारी उनके साथ रहे।
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