वर्ष 2025 में 4 ग्रह राशि परिवर्तन करेंगे। इस साल पहला राशि परिवर्तन 29 मार्च को न्याय के देवता शनि का होगा, जो कुंभ राशि को छोड़कर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। दूसरा राशि परिवर्तन देव गुरु बृहस्पति करेंगे, जो 14 मई को वृष राशि को छोड़कर मिथुन में प्र
इसके बाद देव गुरु अतिचारी होकर 18 अक्टूबर को मिथुन राशि को छोड़कर अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। वहीं, आगे बृहस्पति वक्री होकर 5 दिसम्बर को मिथुन राशि में फिर से प्रवेश कर जाएंगे। ज्योतिषाचार्य पं. चंद्रमोहन दाधीच ने बताया कि मीन राशि में शनि के प्रवेश से कुंभ राशि वाले जातकों को उतरती साढे़ साती रहेगी। वहीं, मीन राशि को मध्यकालीन साढ़े साती आैर मेष राशि पर साढ़े साती प्रारंभ होगी। इसी प्रकार सिंह व धनु राशि को शनि ढैया प्रारंभ होगी। इन पांचों राशियों वालों को शनि प्रभावित करेगा।
सुशीलपुरा स्थित हरिहर मठ के युवाचार्य पं. दिनेश शास्त्री ने बताया कि मकर संक्रांति से प्रारंभ होने वाले विभिन्न पर्व व उत्सव इस वर्ष में अत्यधिक उल्लास एवं श्रद्धा के साथ मनाए जाने के संकेत हैं। वहीं, 30 मार्च से शुरू होने वाला विक्रम संवत 2082 व्यापारियों, कृषकों एवं श्रमिकों के लिए अत्यंत शुभदायक रहेगा।
पंडित बंशीधर पंचांग के निर्माता ज्योतिषाचार्य पं. दामोदर प्रसाद शर्मा ने बताया कि इस साल चार ग्रहण रहेंगे, जिसमें से भारत में 7-8 सितंबर को होने वाला चंद्र ग्रहण ही भारत में दिखाई देगा। जिसका सूतक 9 घंटे पहले से शुरू होगा।
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