Shubham Raja
Date: 04-10-26 17:45
Sant Ravidas Nagar Bhadohi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी चुनाव से पहले बड़ा ऐलान किया है. उन्होंने रविवार को कहा कि भदोही जिले का नाम अब संत रविदास नगर भदोही किया जाएगा. एक कार्यक्रम के दौरान नाम की घोषणा करते हुए सीएम योगी ने कहा, “अब हमारे भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर भदोही होगा.” इस दौरान उन्होंने 1,340 करोड़ रुपये से ज्यादा की 112 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया.
भदोही के कारपेट एक्सपो मार्ट में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित करते हुए योगी ने संत रविदास का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मध्यकाल में संत रविदास की ख्याति काफी बड़ी थी. संत रविदास ने ऐसे समाज की कल्पना की थी, जहां किसी के साथ भेदभाव न हो और सभी को भरपेट भोजन मिले. योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन मिल रहा है. ऐसे में भदोही का नाम संत रविदास नगर करना प्रासंगिक है.
भदोही को मिली वैश्विक पहचान
सीएम योगी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले में करीब 250 प्रदर्शक शामिल हुए हैं, जबकि 450 विदेशी खरीदार भी पहुंचे हैं. करीब 65 देशों से आए खरीदार संत रविदास नगर भदोही को वैश्विक पहचान दे रहे हैं. इससे यहां के कारीगरों को भी दुनिया भर में पहचान मिल रही है.
उन्होंने कहा कि भदोही पहले से ही अपने कालीन उद्योग के लिए जाना जाता है, लेकिन अब विकास के साथ जिले को एक नई पहचान भी मिल रही है. संत रविदास नगर भदोही एक तरफ वाराणसी और दूसरी तरफ प्रयागराज के बीच स्थित है. यहां धार्मिक विरासत के साथ विकास भी देखने को मिल रहा है.
सद्गुरु रविदास जी महाराज के नाम पर भदोही जाना जाएगा… https://t.co/kdWT1PtTpd
“प्रधानमंत्री मोदी के विजन का असर”
योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के विजन को आगे बढ़ाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि संत रविदास की कुटिया आज भी लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन का असर यह है कि कारीगरों को नई तकनीक, बेहतर डिजाइन और बाजार उपलब्ध हो रहे हैं. सरकार उन्हें जरूरी सुविधाएं देकर आगे बढ़ाने का काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जो व्यवस्था अपने कारीगरों का सम्मान करती है, उसे आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता.
2017 से पहले थी निराशा और हताशा… बोले योगी
सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में निराशा का माहौल था और सरकार के सामने कई चुनौतियां थीं. उन्होंने बताया कि करीब दस साल पहले ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट’ योजना शुरू की गई थी. इसके तहत भदोही के कालीन उद्योग को पहचान दिलाने पर काम किया गया. उन्होंने कहा कि पहले कारीगरों के सामने यह चिंता रहती थी कि उनके हाथ से बने कालीन को बाजार मिलेगा या नहीं. लेकिन वन डिस्ट्रिक्ट, वन प्रोडक्ट योजना के बाद उन्हें बाजार मिला.
योगी के मुताबिक, अकेले संत रविदास नगर से करीब 6,100 करोड़ रुपये का निर्यात हो रहा है. इससे कारीगरों तक पैसा पहुंच रहा है और कालीन उद्योग से युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है. मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को तीन गुना बढ़ाने में सफलता मिली है.
बीमारू मानसिकता की सरकारों ने राज्य को ‘बीमारू’ बना दिया था: योगी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पिछली सरकारों की नीतियों के कारण उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था कमजोर हो गई थी. उनके मुताबिक उस समय सुरक्षा, बुनियादी सुविधाओं, तकनीक और बाजार से जुड़ी कई समस्याएं थीं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में अराजकता, माफिया राज, गुंडागर्दी, कर्फ्यू और दंगों का माहौल था. उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय नीतियों में तेजी नहीं थी, बाजार की सुविधाएं और तकनीक की कमी थी और सरकार की ओर से कारीगरों को पर्याप्त सहयोग नहीं मिलता था. कारीगरों को बिजली और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशानी होती थी.
योगी ने कहा कि इन हालात की वजह से बुनकरों और हस्तशिल्प से जुड़े लोगों को रोजगार की तलाश में दूसरे स्थानों पर जाना पड़ा. वहीं, जो लोग प्रदेश में ही रहे, उन्हें भी सुरक्षित माहौल की कमी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ा. उन्होंने पिछली विपक्षी सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि बीमारू मानसिकता वाली सरकारों ने उत्तर प्रदेश को भी बीमारू बना दिया था.
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