नई दिल्ली, एजेंसी। भारत ने लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हालिस की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने सोमवार को ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लंबी दूरी की जमीनी आक्रमण क्रूज मिसाइल (एलआरएलएसीएम) का सफल उड़ान परीक्षण किया। चांदीपुर स्थित एकीकृत परीक्षण रेंज में तैनात विभिन्न ट्रैकिंग उपकरणों द्वारा प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, परीक्षण के सभी उद्देश्य पूर्णतः सिद्ध हुए।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एलआरएलएसीएम के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ टीम और उद्योग भागीदारों को बधाई दी। एलआरएलएसीएम स्वदेशी रूप से विकसित मिसाइल है, जिसके सभी उप-प्रणालियां डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं और भारतीय उद्योग भागीदारों द्वारा विकसित की गई हैं। इस प्रक्षेपण के दौरान डीआरडीओ के वरिष्ठ अधिकारी और भारतीय नौसेना एवं वायु सेना के प्रतिनिधि उपस्थित थे। डीआरडीओ के अध्यक्ष राजेश कुमार सिंह ने प्रक्षेपण के दौरान सभी गतिविधियों की निगरानी की। इससे पहले, 13 जून को डीआरडीओ ने दुश्मन के अलग-अलग तरह के खतरों के खिलाफ देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने वाली कई अहम तकनीकों का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।
– क्या होती है क्रूज मिसाल
क्रूज मिसाइल एक स्वचालित हथियार है, जो जेट इंजन से चलता है और अपनी पूरी उड़ान के दौरान वायुमंडल में निचली ऊंचाई पर लक्ष्य को सटीक रूप से भेदता है ।
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