कर्नाटक कैडर की दो कद्दावर महिला अधिकारियों, IAS रोहिणी सिंधुरी और IPS डी. रूपा मौदगिल, के बीच पिछले तीन साल से चल रहा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट की मध्यस्थता की दहलीज पर पहुंच गया है। शुक्रवार (12 जून) को इस मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस संजीव सचदेवा की पीठ ने गहरी चिंता जताते हुए कहा कि ये दोनों बेहतरीन अधिकारी हैं, लेकिन इस कानूनी लड़ाई के चक्कर में वे “एक-दूसरे का करियर बर्बाद कर रही हैं।”
बेंच सिंधुरी की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने कर्नाटक हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें ट्रायल कोर्ट के उस आदेश को सही ठहराया गया था जिसके तहत मौदगिल द्वारा सिंधुरी के खिलाफ दायर मानहानि के मामले का संज्ञान लिया गया था।
इस विवाद की चिंगारी फरवरी 2023 में तब भड़की थी, जब IPS रूपा मौदगिल ने फेसबुक पर रोहिणी सिंधुरी के खिलाफ कई आरोप लगाए। रूपा ने कथित तौर पर आरोप लगाया था कि सिंधुरी ने अपनी निजी तस्वीरें अन्य पुरुष IAS अधिकारियों के साथ साझा की थीं। इन आरोपों के सार्वजनिक होते ही दोनों अधिकारियों के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई, जिसके बाद कर्नाटक सरकार ने स्थिति को संभालते हुए दोनों का तबादला कर दिया था। रोहिणी सिंधुरी ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए रूपा मौदगिल को कानूनी नोटिस भेजा, जिसमें बिना शर्त माफी और मानहानि के हर्जाने के रूप में ₹1 करोड़ की मांग की गई।
मामला निचली अदालतों और हाई कोर्ट से होता हुआ देश की सबसे बड़ी अदालत पहुंचा। कोर्ट ने पहले भी दोनों अधिकारियों को मीडिया से बात न करने और विवाद को आपसी सहमति से सुलझाने की सलाह दी थी। अब, सुप्रीम कोर्ट ने इस “ब्यूरोक्रेटिक लड़ाई” को खत्म करने, विवाद की प्रकृति को देखते हुए और दोनों पक्षों के ओहदों को ध्यान में रखते हुए,सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जस्टिस कुरियन जोसेफ को मीडिएटर (मध्यस्थ) नियुक्त किया है ताकि उनके बीच संभावित समझौता हो सके।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, “दोनों ही शानदार अधिकारी हैं… इस कोर्ट की राय है कि इस मामले को मध्यस्थता के जरिए सुलझाया जा सकता है।” कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए दोनों अधिकारियों के बीच चल रही आपराधिक मानहानि की कार्यवाही पर फिलहाल रोक लगा दी है, ताकि मध्यस्थता की प्रक्रिया शांतिपूर्वक आगे बढ़ सके ।
प्रमोद कुमार प्रवीण देश-विदेश की समसामयिक घटनाओं और राजनीतिक हलचलों पर चिंतन-मंथन करने वाले और पैनी पकड़ रखने वाले हैं। ईटीवी से पत्रकारिता में करियर की शुरुआत की। कुल करीब दो दशक का इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम करने का अनुभव रखते हैं। संप्रति लाइव हिन्दुस्तान में विगत तीन से ज्यादा वर्षों से समाचार संपादक के तौर पर कार्यरत हैं और अमूमन सांध्यकालीन पारी में बहुआयामी पत्रकारीय भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप से पहले NDTV, जनसत्ता, ईटीवी, इंडिया न्यूज, फोकस न्यूज, साधना न्यूज और ईटीवी में कार्य करने का अनुभव है। कई संस्थानों में सियासी किस्सों का स्तंभकार और लेखक रहे हैं। विश्वविद्यालय स्तर से लेकर कई अकादमिक, शैक्षणिक और सामाजिक संगठनों द्वारा विभिन्न मंचों पर अकादमिक और पत्रकारिता में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित भी हुए हैं। रुचियों में फिल्में देखना और पढ़ना-पढ़ाना पसंद, सामाजिक और जनसरोकार के कार्यों में भी रुचि है।
अकादमिक योग्यता: भूगोल में जलवायु परिवर्तन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय पर पीएचडी उपाधिधारक हैं। इसके साथ ही पत्रकारिता एवं जनसंचार में स्नातकोत्तर भी हैं। पीएचडी शोध का विषय- ‘मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन-एक भौगोलिक अध्ययन’ रहा है। शोध के दौरान करीब दर्जन भर राष्ट्रीय और अंततराष्ट्रीय सम्मेलनों में शोध पत्र पढ़ने और प्रस्तुत करने का अनुभव है। भारतीय विज्ञान कांग्रेस में भी शोध पोस्टर प्रदर्शनी का चयन हो चुका है। शोध पर आधारित एक पुस्तक के लेखक हैं। पुस्तक का नाम ‘मध्य गंगा घाटी में जलवायु परिवर्तन’ है। पत्रकारिता में आने से पहले महाविद्यालय स्तर पर शिक्षण कार्य भी कर चुके हैं।
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